Himachal: पढ़ाई में कमजोर छात्रों के लिए बड़ी राहत, अब रोज़ होगी 45 मिनट की स्पेशल क्लास; शिक्षा विभाग का नया आदेश
शिमला: अगर आपका बच्चा हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूल में कक्षा 6वीं से 10वीं तक पढ़ता है और पढ़ाई में पिछड़ रहा है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। शिक्षा विभाग ने ऐसे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए रोजाना 45 मिनट की विशेष ‘जीरो पीरियड’ कक्षा शुरू करने का फैसला लिया है।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में लर्निंग एन्हांसमेंट प्रोग्राम (LEP) 2.0 के तहत अब कक्षा छठी से दसवीं तक के कमजोर विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन 45 मिनट का विशेष जीरो पीरियड संचालित किया जाएगा। इस संबंध में समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक ने सभी जिला उपनिदेशकों और जिला परियोजना अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
शिक्षा विभाग के अनुसार इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन विद्यार्थियों की शैक्षणिक कमजोरियों को दूर करना है, जिनकी आधारभूत समझ अपेक्षित स्तर से कम है। यह विशेष कार्यक्रम करीब 12 सप्ताह तक चलेगा, जिसमें विद्यार्थियों को पूर्व कक्षाओं के गणित, हिंदी और अंग्रेजी विषयों की मूलभूत अवधारणाओं का दोहराव कराया जाएगा, ताकि उनकी सीखने की क्षमता मजबूत हो सके।
कब और किस समय होगी जीरो पीरियड क्लास?
जारी निर्देशों के अनुसार शीतकालीन स्कूलों में जीरो पीरियड सुबह 10:00 बजे से 10:45 बजे तक चलेगा, जबकि ग्रीष्मकालीन और अति ग्रीष्मकालीन विद्यालयों में यह सुबह 9:00 बजे से 9:45 बजे तक संचालित किया जाएगा।
शीतकालीन स्कूलों वाले लाहौल-स्पीति, किन्नौर, शिमला, चंबा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों तथा अति ग्रीष्मकालीन स्कूलों वाले ऊना, सोलन और सिरमौर में यह व्यवस्था जुलाई से लागू होगी। वहीं अन्य ग्रीष्मकालीन विद्यालयों में यह कार्यक्रम 17 अगस्त से शुरू किया जाएगा।
सप्ताह में किस विषय की कितनी क्लास?
शिक्षा विभाग द्वारा तय समय-सारिणी के अनुसार—
- गणित के लिए सप्ताह में 3 जीरो पीरियड
- अंग्रेजी के लिए 2 जीरो पीरियड
- हिंदी के लिए 1 जीरो पीरियड निर्धारित किया गया है।
विज्ञान विषय के लिए अलग से जीरो पीरियड नहीं रखा गया है। विज्ञान की पढ़ाई नियमित कक्षाओं के दौरान ही कराई जाएगी।
QR कोड से होगा विद्यार्थियों का पंजीकरण
समग्र शिक्षा अभियान ने विद्यार्थियों के पंजीकरण के लिए वर्कबुक के क्यूआर कोड का उपयोग अनिवार्य किया है। 12 अगस्त से चिन्हित विद्यार्थियों की वर्कबुक के पिछले कवर पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर उनका पंजीकरण किया जाएगा।
प्रधानाचार्य करेंगे निगरानी
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि जीरो पीरियड के दौरान किसी भी प्रकार की अन्य कक्षा, परीक्षा या गतिविधि आयोजित नहीं की जाएगी। विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करना भी अनिवार्य होगा। स्कूलों के प्रधानाचार्य और मुख्याध्यापक इस कार्यक्रम के प्रभारी होंगे तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की नियमित निगरानी करेंगे।
