Home शिक्षा HPBOSE 10th 12th Certificate: 10वीं-12वीं के सर्टिफिकेट में बड़ा बदलाव, अब मिलेंगे QR Code और Blockchain वाले वाटरप्रूफ प्रमाणपत्र

HPBOSE 10th 12th Certificate: 10वीं-12वीं के सर्टिफिकेट में बड़ा बदलाव, अब मिलेंगे QR Code और Blockchain वाले वाटरप्रूफ प्रमाणपत्र

by Dainik Janvarta
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HPBOSE 10th-12th Certificate: अब नहीं फटेंगे या भीगेंगे बोर्ड सर्टिफिकेट! QR Code और Blockchain से होंगे पूरी तरह सुरक्षित

अब बोर्ड सर्टिफिकेट खोने, फटने या फर्जी बनने का डर लगभग खत्म होने वाला है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड इस बार छात्रों को ऐसी नई तकनीक वाले सर्टिफिकेट देने जा रहा है, जिन्हें पानी भी नुकसान नहीं पहुंचा सकेगा और एक QR Code स्कैन करते ही पूरा रिकॉर्ड सामने आ जाएगा।

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) ने 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। मार्च 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में सफल हुए छात्रों को इस बार ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी आधारित वाटरप्रूफ सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। इन सर्टिफिकेटों में QR Code भी होगा, जिससे उनका सत्यापन पहले की तुलना में अधिक आसान, तेज और सुरक्षित हो जाएगा।

बोर्ड के अनुसार अभी तक मार्च 2026 परीक्षा के विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित नहीं किए गए हैं। इस बार पहली बार नई तकनीक के साथ तैयार किए गए सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे, जिनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे पानी से खराब नहीं होंगे और उन्हें आसानी से क्षति नहीं पहुंचेगी।

QR Code स्कैन करते ही मिलेगा पूरा अकादमिक रिकॉर्ड

हर सर्टिफिकेट पर एक यूनिक QR Code अंकित होगा। इसे स्कैन करते ही संबंधित विद्यार्थी का ऑनलाइन अकादमिक रिकॉर्ड उपलब्ध हो जाएगा। इससे दस्तावेजों का सत्यापन कुछ ही मिनटों में किया जा सकेगा।

यह सुविधा विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद होगी, जो उच्च शिक्षा, सरकारी नौकरियों, प्रतियोगी परीक्षाओं या विदेश में प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं। अब संस्थानों और विभागों को लंबे समय तक दस्तावेज सत्यापन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

फर्जी सर्टिफिकेट पर भी लगेगी रोक

ब्लॉकचेन तकनीक की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुरक्षा है। इस तकनीक में रिकॉर्ड किए गए डेटा के साथ छेड़छाड़ करना या नकली प्रमाणपत्र तैयार करना बेहद मुश्किल माना जाता है। इससे बोर्ड सर्टिफिकेटों की डुप्लीकेसी और फर्जीवाड़े पर भी प्रभावी रोक लगेगी।

क्या है ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी?

ब्लॉकचेन एक सुरक्षित डिजिटल और विकेंद्रीकृत तकनीक है, जिसमें डेटा कई स्तरों पर सुरक्षित रूप से दर्ज होता है। एक बार जानकारी रिकॉर्ड होने के बाद उसमें बदलाव करना, उसे हटाना या हैक करना बेहद कठिन होता है। इसी वजह से दुनिया भर में इस तकनीक का उपयोग सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेजों के लिए तेजी से बढ़ रहा है।

बोर्ड अध्यक्ष ने क्या कहा?

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि मार्च 2026 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को पहली बार ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित QR Code युक्त वाटरप्रूफ सर्टिफिकेट उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे प्रमाणपत्रों की सुरक्षा बढ़ेगी, सत्यापन आसान होगा और फर्जी प्रमाणपत्रों पर भी रोक लगेगी।

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