Himachal Weather Alert: हिमाचल में अगले 48 घंटे बेहद भारी, रेड अलर्ट के बीच सरकार ने जारी की बड़ी चेतावनी
शिमला। अगर आप अगले दो दिनों में हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने की सोच रहे हैं, तो पहले यह खबर जरूर पढ़ लें। मौसम विभाग ने 20 और 21 जुलाई के लिए कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि राज्य सरकार ने सभी जिलों और विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
मानसून के और अधिक सक्रिय होने के साथ ही भारी से बहुत भारी बारिश, भूस्खलन, अचानक बाढ़ और बादल फटने जैसी घटनाओं की आशंका जताई गई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 19 जुलाई से 23 जुलाई तक पूरे हिमाचल प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा। इनमें 20 से 22 जुलाई के दौरान सबसे अधिक वर्षा होने की संभावना है। कई जिलों के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने सभी उपायुक्तों, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के अध्यक्षों और विभागाध्यक्षों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी विभागों को चेतावनी अवधि के दौरान पूरी तरह सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जिला प्रशासन को दिए गए प्रमुख निर्देश
सभी जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) 24 घंटे सक्रिय रहेंगे।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जाएगा।
आईएमडी की सभी मौसम चेतावनियां तुरंत फील्ड अधिकारियों तक पहुंचाई जाएंगी।
क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), होमगार्ड, अग्निशमन और पुलिस बल पूरी तरह तैयार रहेंगे।
भूस्खलन, अचानक बाढ़ और बादल फटने की आशंका वाले संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई जाएगी।
जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
सैटेलाइट फोन, वायरलेस और अन्य आपातकालीन संचार प्रणाली हर समय चालू रखी जाएगी।
किसी भी नुकसान या आपदा की सूचना तुरंत एचडीएमआईएस (HDMIS) पोर्टल पर दर्ज की जाएगी।
परिवहन और शिक्षा विभाग को भी निर्देश
प्रशासन ने एचआरटीसी और अन्य परिवहन ऑपरेटरों को जोखिम वाले मार्गों पर बसों और वाहनों का संचालन सावधानी से करने तथा भारी बारिश के दौरान अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।
वहीं, स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों को लेकर निर्णय संबंधित जिला प्रशासन स्थानीय मौसम की स्थिति का आकलन कर आवश्यकतानुसार लेगा।
पर्यटकों के लिए विशेष एडवाइजरी
प्रदेश में आने वाले पर्यटकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग और जिला प्रशासन की सलाह का पालन करें तथा किसी भी जोखिम वाले क्षेत्र में जाने से बचें।
भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें।
नदियों, नालों, झरनों और भूस्खलन संभावित ढलानों से दूर रहें।
पानी से भरे पुलों या बाढ़ वाले मार्गों को पार करने का प्रयास न करें।
केवल आधिकारिक मौसम और प्रशासनिक अपडेट पर भरोसा करें।
आपात स्थिति में राज्य हेल्पलाइन 1070 तथा जिला हेल्पलाइन 1077 पर तुरंत संपर्क करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चेतावनी अवधि के दौरान सभी विभाग हाई अलर्ट पर रहेंगे और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।
