HRTC Bus Fire: चलते-चलते धधक उठी HRTC बस, कुछ ही मिनटों में बनी आग का गोला; चालक की सूझबूझ से 30 यात्रियों की बची जान
कांगड़ा। अगर चालक ने कुछ सेकंड की भी देर कर दी होती, तो यह हादसा बड़ी त्रासदी में बदल सकता था। चलते-चलते HRTC बस से अचानक धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। चालक की सतर्कता के चलते करीब 25 से 30 यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई।
हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के पालमपुर डिपो की सरूट-पालमपुर (वाया क्यारवां, चौकी परमारनगर और धीरा) रूट पर चल रही बस में शुक्रवार को कलूना गांव के पास अचानक आग लग गई। घटना उस समय हुई जब बस अपने निर्धारित मार्ग पर सरूट से पालमपुर की ओर जा रही थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कलूना गांव के पास एक मोड़ पर पहुंचते ही चालक ने बस से धुआं निकलता देखा। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उसने तुरंत बस सड़क किनारे रोक दी और सभी यात्रियों को तेजी से नीचे उतरने के निर्देश दिए। कुछ ही पलों में बस खाली करा ली गई।
यात्रियों के उतरते ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते पूरी बस आग की चपेट में आ गई और कुछ ही मिनटों में जलकर पूरी तरह खाक हो गई। प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग धीरा की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी।
राहत की बात यह रही कि इस हादसे में सभी यात्री, चालक और परिचालक पूरी तरह सुरक्षित हैं। चालक की त्वरित सूझबूझ और समय पर लिए गए फैसले ने एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।
घटना के बाद HRTC बसों की तकनीकी स्थिति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाली निगम की बसों की नियमित तकनीकी जांच और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
