ऊना में कुत्तों का आतंक! जून में 674 लोग बने डॉग बाइट का शिकार, हर दिन 22 से ज्यादा हमले
अगर आप ऊना में सुबह-शाम टहलने निकलते हैं या बच्चों को स्कूल भेजते हैं, तो यह खबर आपको सतर्क कर सकती है।
सिर्फ जून महीने में जिले के 674 लोगों को कुत्तों ने काटा है, यानी औसतन हर दिन 22 से अधिक लोग डॉग बाइट का शिकार हुए।
ऊना। जिला ऊना में आवारा और पालतू कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के जून माह के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 674 डॉग बाइट के मामले दर्ज किए गए। इनमें 274 लोगों पर लावारिस (आवारा) कुत्तों ने हमला किया, जबकि 400 लोग पालतू कुत्तों के काटने से घायल हुए।
इन आंकड़ों ने जिले में बढ़ती डॉग बाइट की समस्या को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी आवारा कुत्तों के झुंड लोगों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। सड़क, बाजार, स्कूल और सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे कुत्तों के कारण आम नागरिकों, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कई इलाकों में कुत्तों के झुंड राहगीरों का पीछा करते हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी अभियान नजर नहीं आ रहा।
हाल ही में जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर-5 में आवारा कुत्तों के झुंड ने एक मासूम बच्ची पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस घटना के बाद लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है तथा प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
गौरतलब है कि आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी हाल के दिनों में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे चुका है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर हालात में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है।
इस पूरे मामले पर उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने और आवश्यक कदम उठाने के लिए संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से भविष्य में जो भी निर्देश जारी किए जाएंगे, उनका पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर निकायों से मांग की है कि आवारा कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि जिले में बढ़ रही डॉग बाइट की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
