Hamirpur Jail Security Breach: जेल की दीवार फांदकर पहुंचा चिट्टा, दो मोबाइल और नशीली दवाइयां बरामद, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हमीरपुर उप जेल की ऊंची दीवार भी तस्करों की साजिश को नहीं रोक सकी। जेल के भीतर चिट्टा, मोबाइल फोन और नशीली दवाइयां पहुंचाने की कोशिश ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। हालांकि सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से यह बड़ी साजिश समय रहते नाकाम हो गई और प्रतिबंधित सामान बरामद कर लिया गया।
हमीरपुर। उप जेल में बुधवार को सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश का मामला सामने आया है। जेल की दीवार के ऊपर से फेंके गए एक संदिग्ध पैकेट को सुरक्षा कर्मियों ने समय रहते पकड़ लिया। पैकेट से करीब 1.5 ग्राम चिट्टा, दो मोबाइल फोन, नशीले कैप्सूल, बीड़ी, लाइटर और नकदी बरामद हुई है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे सामने आया मामला?
जानकारी के अनुसार, बुधवार को किसी अज्ञात व्यक्ति ने एल्यूमिनियम फॉयल में लपेटकर एक पैकेट उप जेल की दीवार के ऊपर से अंदर फेंका। उसी दौरान मोटर पंप चलाने पहुंचे एक कैदी ने पैकेट उठा लिया, लेकिन ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी की नजर उस पर पड़ गई।
सुरक्षा कर्मी ने तुरंत कैदी को रोककर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। अधिकारियों की मौजूदगी में पैकेट की तलाशी ली गई, जिसमें चिट्टा, मोबाइल फोन, नशीले कैप्सूल, बीड़ी, लाइटर और नकदी बरामद हुई।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार और सदर थाना प्रभारी कुलवंत सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बरामद सामान कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पूरी घटना जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। पुलिस फुटेज के आधार पर प्रतिबंधित सामान फेंकने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है।
नालागढ़ जेल से आए कैदी तक पहुंचाने की थी कोशिश?
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हाल ही में नालागढ़ जेल से हमीरपुर उप जेल में स्थानांतरित किए गए किसी कैदी तक यह प्रतिबंधित सामान पहुंचाने की कोशिश की गई थी। इस पहलू को ध्यान में रखते हुए पुलिस जेल में बंद कैदियों से भी पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
