Himachal Weather: फिर सक्रिय होगा मानसून, 19 से 23 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट, इन जिलों में रहें सतर्क
अगर आपने 19 से 23 जुलाई के बीच हिमाचल में यात्रा या किसी जरूरी काम की योजना बनाई है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जिससे भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़कें बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से कमजोर पड़ा मानसून अब एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 18 से 23 जुलाई के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। इस दौरान कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
18 से 23 जुलाई तक बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार मध्य पर्वतीय क्षेत्रों और उनसे लगे निचले व मैदानी इलाकों में 18 से 23 जुलाई के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 20 से 22 जुलाई के बीच बारिश सबसे अधिक रहने के आसार हैं। वहीं अगले 48 घंटों के बाद अधिकतम तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
किस दिन किन जिलों में अलर्ट
18 जुलाई
- येलो अलर्ट: मंडी और कांगड़ा में भारी बारिश की संभावना।
- कुल्लू, शिमला और सिरमौर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार।
19 जुलाई
- ऑरेंज अलर्ट: चंबा, शिमला, मंडी और कांगड़ा में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी।
- येलो अलर्ट: हमीरपुर, सिरमौर, सोलन, ऊना, बिलासपुर, कुल्लू और लाहौल-स्पीति।
20 जुलाई
- ऑरेंज अलर्ट: चंबा, कुल्लू, शिमला, मंडी और कांगड़ा।
- येलो अलर्ट: हमीरपुर, सिरमौर, सोलन, ऊना, बिलासपुर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति।
21 से 23 जुलाई
मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि निचले पहाड़ी, मैदानी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट रहेगा।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से बारिश के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है। भूस्खलन या अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। नदियों, नालों और खड्डों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही न करें। यात्रा के दौरान ट्रैफिक और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर रखें।
बारिश के इस नए दौर को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां भी सतर्क हैं। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से तुरंत संपर्क करें।
