HP Politics: हिमकेयर पर सियासत तेज, आरटीआई का हवाला देकर जयराम ठाकुर ने सीएम सुक्खू के दावों पर उठाए सवाल
शिमला। हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बयानों पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली सरकारी जानकारी ने मुख्यमंत्री के दावों की पोल खोल दी है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार तथ्यों के बजाय भ्रम फैलाकर हिमकेयर जैसी जनहितकारी योजना को बदनाम करने का प्रयास कर रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि आरटीआई अधिनियम, 2005 के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 से 2022 के बीच प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में हिस्टरेक्टॉमी (बच्चेदानी निकालने की सर्जरी) के किसी भी पुरुष मरीज का कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं है। उनका कहना है कि जब सरकारी रिकॉर्ड में ऐसा कोई मामला मौजूद ही नहीं है तो मुख्यमंत्री द्वारा इस संबंध में दिए गए बयान तथ्यात्मक रूप से सही नहीं माने जा सकते।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई हिमकेयर योजना ने प्रदेश के लाखों परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई। उनके अनुसार आज भी बड़ी संख्या में लोग इस योजना का लाभ उठा रहे हैं, लेकिन इसकी लोकप्रियता से परेशान वर्तमान सरकार इसे विवादों में घसीटकर इसकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल में हिमकेयर जैसी कोई बड़ी जनकल्याणकारी योजना शुरू नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों के आधार पर जनता के सामने अपनी बात रखनी चाहिए।
उन्होंने प्रदेश सरकार से हिमकेयर योजना को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा करने से बचने और स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील व्यवस्था पर राजनीति करने के बजाय पारदर्शिता के साथ तथ्य सार्वजनिक करने की अपील की। साथ ही कहा कि जनता के हित से जुड़ी योजनाओं को राजनीतिक विवाद का विषय बनाने के बजाय उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
