राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर हिमाचल में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, कई जिलों में निकली पदयात्राएं और हुआ भजन-कीर्तन
शिमला। अयोध्या राम मंदिर के कथित चढ़ावा विवाद को लेकर मंगलवार को हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ एक साथ कई जिलों में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। शिमला से लेकर सिरमौर, ऊना, बिलासपुर, सोलन, धर्मशाला और कुल्लू तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पदयात्राएं निकालीं, प्रदर्शन किए और कई स्थानों पर भगवान राम के भजन-कीर्तन कर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
प्रदेश की राजधानी शिमला में कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन से राम मंदिर तक विरोध यात्रा निकाली गई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राम मंदिर के कथित चढ़ावा मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
इसी तरह सिरमौर, ऊना, बिलासपुर, सोलन, धर्मशाला और कुल्लू सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पदयात्राएं निकालीं, विरोध प्रदर्शन किए तथा कई स्थानों पर भगवान राम के भजन-कीर्तन का आयोजन कर श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा विषय है।
इस अवसर पर एआईसीसी प्रवक्ता एवं विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोप देश के करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा भगवान राम के नाम पर सत्ता में आई, लेकिन अब उसी राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
राठौर ने मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कार्रवाई केवल छोटे लोगों तक सीमित दिखाई दे रही है, जबकि बड़े जिम्मेदार लोगों तक जांच नहीं पहुंच रही। हालांकि उन्होंने इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय से निष्पक्ष न्याय की उम्मीद जताई।
शिमला शहरी कांग्रेस अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि भाजपा पिछले तीन दशकों से भगवान राम के नाम पर राजनीति करती रही है। अब राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने से करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था के केंद्र हैं और इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
शिमला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष हरि कृष्ण हिमरल ने कहा कि हिमाचल कांग्रेस की यह पदयात्रा केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान राम के नाम पर राजनीति कर सत्ता हासिल की, लेकिन अब उसी मंदिर के चढ़ावे को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करती रहेगी।
