लूटेरी दुल्हन: ठगी का नया हथकंडा! पहले रिंग सेरेमनी, फिर शादी का सपना… 18 लाख रुपये और गहने लेकर पूरा परिवार फरार
शादी के नाम पर ठगी के मामले अब नए-नए हथकंडों के साथ सामने आ रहे हैं। पहले भरोसा जीतना, फिर रिंग सेरेमनी कर रिश्ता पक्का करना और आखिर में लाखों रुपये व गहने लेकर गायब हो जाना—ठग अब लोगों की भावनाओं को ही अपना सबसे बड़ा हथियार बना रहे हैं।
हमीरपुर। हिमाचल के हमीरपुर जिले से ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी तय होने के बाद पूरा परिवार करीब 18 लाख रुपये नकद और लाखों रुपये के सोने के आभूषण लेकर फरार हो गया।
पुलिस चौकी अवाहदेवी में दर्ज शिकायत के अनुसार, संगरोह गांव निवासी कुसुम लता ने बताया कि युवती के भाई ने अपना पता कांगड़ा बस स्टैंड के पास का बताया था। दोनों परिवारों के बीच बातचीत के बाद रिश्ता तय हुआ और 20 जून को चंडीगढ़ में रिंग सेरेमनी आयोजित की गई। इस दौरान वर पक्ष ने होने वाली दुल्हन को सोने के आभूषण और अन्य महंगे उपहार भी दिए।
इसके बाद 12 जुलाई को शादी की तारीख तय कर दी गई। आरोप है कि रिंग सेरेमनी के बाद दुल्हन पक्ष ने व्यापार में निवेश और अन्य जरूरी खर्चों का हवाला देकर अलग-अलग किस्तों में गूगल पे के माध्यम से करीब 18 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 7 जुलाई को युवती के भाई का फोन आया कि कनाडा में उनके मामा का निधन हो गया है और उन्हें तत्काल वहां जाना पड़ रहा है। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। जब 11 जुलाई को संबंधित मैरिज पैलेस में शादी की बुकिंग की जानकारी ली गई तो पता चला कि 12 जुलाई के नाम से वहां कोई बुकिंग ही नहीं थी। यहीं से पूरे ठगी के खेल का खुलासा हुआ।
पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी परिवार ने कहीं इसी तरह अन्य लोगों को भी अपना शिकार तो नहीं बनाया।
शादी के नाम पर ठगी के बढ़ते मामले
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में “लूटेरी दुल्हन” और फर्जी वैवाहिक रिश्तों के जरिए ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। ठग पहले परिवार का विश्वास जीतते हैं, रिश्ता पक्का करते हैं, रिंग सेरेमनी या सगाई जैसी रस्में निभाते हैं और फिर किसी बहाने से नकदी व गहने लेकर फरार हो जाते हैं।
कैसे रहें सतर्क?
शादी तय करने से पहले परिवार और पते का स्वतंत्र रूप से सत्यापन करें।
ऑनलाइन प्रोफाइल और पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच अवश्य करें।
बड़ी रकम या कीमती गहनों का लेन-देन बिना पर्याप्त सत्यापन के न करें।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि ठग अब केवल ऑनलाइन लिंक या फर्जी कॉल के जरिए ही नहीं, बल्कि रिश्तों और भावनाओं का सहारा लेकर भी लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इसलिए शादी जैसे संवेदनशील मामलों में भी सतर्कता और पूरी जांच-पड़ताल बेहद जरूरी है।
