हिमाचल पुलिस के चर्चित बैंड के प्रभारी इंस्पेक्टर सस्पेंड! सोशल मीडिया से कमाई के आरोपों ने मचाई हलचल
शिमला। क्या सरकारी कर्मचारी विभागीय अनुमति के बिना सोशल मीडिया से कमाई कर सकते हैं? इसी सवाल के बीच हिमाचल प्रदेश पुलिस के चर्चित म्यूजिकल बैंड ‘हारमनी ऑफ द पाइन्स’ के प्रभारी इंस्पेक्टर के निलंबन ने पूरे पुलिस महकमे में चर्चा छेड़ दी है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने इंस्पेक्टर विजय कुमार को सेवा नियमों के कथित उल्लंघन के आरोप में निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि उन्होंने विभाग से पूर्व अनुमति लिए बिना निजी संगीत सामग्री तैयार कर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की और उससे आर्थिक लाभ भी प्राप्त किया।
बिना अनुमति निजी गतिविधियों का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित इंस्पेक्टर ने विभागीय स्वीकृति के बिना निजी म्यूजिक कंटेंट तैयार कर उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित किया। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि यदि इस गतिविधि से नियमित आय अर्जित की गई है और इसके लिए विभागीय अनुमति नहीं ली गई, तो यह सरकारी सेवा नियमों के उल्लंघन के दायरे में आ सकता है।
तीन महीने में मांगी गई जांच रिपोर्ट
मामले की विभागीय जांच के लिए पुलिस लाइन भराड़ी के डीएसपी कमल किशोर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें तीन महीने के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित अधिकारी ने किन परिस्थितियों में सोशल मीडिया पर निजी संगीत सामग्री साझा की, उससे कितनी आय हुई और क्या विभागीय नियमों का पालन किया गया।
पुलिस मुख्यालय करेगा अंतिम फैसला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल यह केवल विभागीय जांच का मामला है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि आरोप सिद्ध नहीं होते हैं तो संबंधित अधिकारी को राहत मिल सकती है, जबकि आरोप सही पाए जाने पर विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
‘हारमनी ऑफ द पाइन्स’ है पुलिस का प्रतिष्ठित बैंड
‘हारमनी ऑफ द पाइन्स’ हिमाचल प्रदेश पुलिस का प्रसिद्ध सांस्कृतिक और म्यूजिकल बैंड है, जो सरकारी समारोहों, सांस्कृतिक आयोजनों और विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुतियों के लिए जाना जाता है। ऐसे प्रतिष्ठित बैंड के प्रभारी अधिकारी पर हुई कार्रवाई ने पुलिस विभाग के भीतर भी व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।
क्या कहते हैं सरकारी सेवा नियम?
सरकारी सेवा आचरण नियमों के अनुसार कोई भी सरकारी कर्मचारी विभाग की पूर्व अनुमति के बिना व्यापार, व्यवसाय या किसी ऐसी गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता जिससे नियमित आर्थिक लाभ प्राप्त हो। सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली कमाई भी परिस्थितियों के अनुसार व्यावसायिक गतिविधि मानी जा सकती है। हालांकि, अंतिम निर्णय प्रत्येक मामले के तथ्यों और विभागीय जांच पर निर्भर करता है।
महत्वपूर्ण: निलंबन किसी कर्मचारी के दोषी होने का प्रमाण नहीं होता। यह एक अंतरिम प्रशासनिक कार्रवाई है, ताकि निष्पक्ष विभागीय जांच पूरी की जा सके। अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।
