Himachal High Value Nut Mission: 2031 तक अखरोट-बादाम से बदलेगी हिमाचल की किस्मत! किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार का बड़ा प्लान
शिमला। अगर आप हिमाचल के बागवान हैं या बागवानी से जुड़े हैं, तो आने वाले पांच साल आपके लिए नई संभावनाओं का दौर लेकर आ सकते हैं। राज्य सरकार ने ऐसा मिशन तैयार किया है, जिससे अखरोट, बादाम, खुमानी और चिलगोजा जैसी हाई वैल्यू फसलों की खेती को नई पहचान मिलने के साथ किसानों की आय बढ़ाने का रास्ता भी खुलेगा।
हिमाचल प्रदेश सरकार वर्ष 2026 से 2031 तक हाई वैल्यू नट मिशन शुरू करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य प्रदेश में उच्च मूल्य वाली समशीतोष्ण नट फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देना, बागवानी को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।
सरकार इस मिशन के तहत पुराने और कम उत्पादन देने वाले बागों के कायाकल्प पर विशेष जोर देगी। योजना के अनुसार लगभग 1000 हेक्टेयर क्षेत्र को मिशन में शामिल किया जाएगा। इनमें 900 हेक्टेयर पुराने बागों का वैज्ञानिक तरीके से पुनरुद्धार किया जाएगा। इसके लिए कैनोपी प्रबंधन, टॉप वर्किंग, पुराने पेड़ों का प्रतिस्थापन, मृदा स्वास्थ्य सुधार और आधुनिक जल प्रबंधन तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, ताकि उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।
इसके अलावा 100 हेक्टेयर क्षेत्र में मॉडल हाई डेंसिटी नट बाग विकसित किए जाएंगे। इन बागों में गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली और जलवायु अनुकूल खेती की आधुनिक तकनीकों को अपनाया जाएगा, जिससे कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके।
बागवानों को प्रमाणित और रोगमुक्त पौध उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के प्रमुख नट उत्पादक क्षेत्रों में चार हाईटेक नर्सरियां और दो उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) स्थापित किए जाएंगे। ये केंद्र अनुसंधान, प्रशिक्षण और आधुनिक बागवानी तकनीकों के प्रसार का कार्य करेंगे।
मिशन के तहत फसल की गुणवत्ता और बाजार मूल्य बढ़ाने के लिए 10 आधुनिक संग्रह, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन इकाइयों की स्थापना भी की जाएगी। इससे कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी आएगी और किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
योजना में चिलगोजा संरक्षण को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। जनजातीय क्षेत्रों में चिलगोजा के प्राकृतिक पुनर्जनन, संरक्षण और समुदाय आधारित प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हाई वैल्यू नट मिशन हिमाचल की बागवानी को आधुनिक, तकनीक आधारित और बाजार से जुड़ा मजबूत क्षेत्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
उन्होंने कहा कि बेहतर पौध सामग्री, आधुनिक तकनीक और मजबूत आधारभूत ढांचे के माध्यम से बागवानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा, वहीं ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
सरकार का मानना है कि यह मिशन प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगा।
