IMD Alert: हिमाचल में 17 जुलाई तक बारिश का अलर्ट, कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी; सड़कें बंद, जनजीवन प्रभावित
अगर आप अगले कुछ दिनों में हिमाचल में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो पहले यह खबर जरूर पढ़ लें।
मौसम विभाग ने 17 जुलाई तक लगातार बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि कई जिलों में भारी वर्षा, भूस्खलन और तेज हवाओं की चेतावनी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान हुई भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। जगह-जगह भूस्खलन, सड़कें बंद होने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और पेयजल योजनाओं पर असर पड़ने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन राहत एवं बहाली कार्यों में जुटा हुआ है, जबकि मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
कुल्लू और शिमला में सबसे ज्यादा असर
कुल्लू जिले में पिन पार्वती नदी के उफान पर आने से छह से अधिक पुलियां बह गई हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है। शाक्टी क्षेत्र में दो मकानों में पानी घुसने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। जिले में फिलहाल 51 सड़कें बंद हैं, जिससे यातायात प्रभावित है।
राजधानी शिमला में भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। संजौली के बोथवेल क्षेत्र में भूस्खलन के कारण चार मकानों और दो दुकानों पर खतरा पैदा हो गया है। वहीं न्यू शिमला सहित अन्य इलाकों में मलबा गिरने से कई वाहनों को नुकसान पहुंचा है।
सिरमौर समेत कई जिलों में हालात प्रभावित
सिरमौर जिले में बारिश के कारण 50 सड़कें बंद हो गई हैं। इसके अलावा 25 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं, जबकि 58 पेयजल और छह सिंचाई योजनाएं प्रभावित हुई हैं। पूरे प्रदेश में अब तक 189 सड़कें, 146 बिजली ट्रांसफार्मर और 104 पेयजल योजनाएं प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
17 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 17 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। रविवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कांगड़ा जिले के एक-दो स्थानों पर अत्यधिक बारिश होने की भी चेतावनी दी गई है।
इसके साथ ही कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आंधी आने और बिजली चमकने की संभावना भी व्यक्त की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश के बीच अगले चार से पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
लोगों के लिए प्रशासन की सलाह
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के पास जाने से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा नहीं करने और खराब मौसम के दौरान जारी सरकारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश से हुए नुकसान का आकलन लगातार किया जा रहा है। सड़क, बिजली और पेयजल व्यवस्था बहाल करने के लिए संबंधित विभागों की टीमें युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव दल भी तैनात किए जाएंगे।
