एक दिन और एक रात की मूसलाधार बारिश ने सिरमौर की रफ्तार थाम दी। 36 सड़कें बंद होने से कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ, जबकि जगह-जगह भूस्खलन और मलबे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
सिरमौर में बारिश का कहर: 36 सड़कें बंद, भूस्खलन से यातायात प्रभावित; करोड़ों नहीं, लाखों का नुकसान भी बढ़ा
एस. के. गुप्ता
नाहन (सिरमौर)। बुधवार रात से लेकर वीरवार शाम तक हुई लगातार बारिश ने सिरमौर जिले में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। महज कुछ घंटों में 97 मिलीमीटर वर्षा दर्ज होने के बाद जिले के कई हिस्सों में भूस्खलन और मलबा आने से सड़क नेटवर्क चरमरा गया। सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिला, जहां सड़कें बंद होने से लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार लोक निर्माण विभाग के अधीन 36 सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें शिलाई मंडल की 21 सड़कें, संगड़ाह की 8, नाहन की 6 और राजगढ़ मंडल की 1 सड़क शामिल है। कई मार्गों पर पहाड़ियों से मलबा और पत्थर गिरने के कारण वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
बारिश से लोक निर्माण विभाग को प्रारंभिक तौर पर करीब 87 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। विभाग की मशीनें सड़कें खोलने के कार्य में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है।
बारिश का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। पांवटा साहिब क्षेत्र में 63 बिजली ट्रांसफार्मर (डीटीआर) प्रभावित होने से कई गांवों और इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली विभाग की टीमें आपूर्ति बहाल करने में लगी हुई हैं।
उधर, लगातार बारिश से नदियों और खड्डों का जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों के किनारे न जाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।
शिलाई उपमंडल के चांनपुरधार क्षेत्र में फिसलन के कारण एक बैल के खाई में गिरने से मौत हो गई, जिससे पशुपालक को लगभग 15 हजार रुपये का नुकसान हुआ।
जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को बंद सड़कों को जल्द बहाल करने, बिजली आपूर्ति सामान्य करने और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तुरंत सूचना देने की अपील की गई है।
संपादकीय
