बरसात की पहली तेज बारिश ने बढ़ा दी चिंता.…
अगर समय रहते बरसाती नाले का निकास बहाल नहीं हुआ तो मीरपुर-कोटला के उद्योगों पर बाढ़ जैसा खतरा मंडरा सकता है।
कालाअंब में बरसाती पानी से उद्योगों में घुसा मलबा, मीरपुर-कोटला में बढ़ी बाढ़ की आशंका
कालाअंब/नाहन, 9 जुलाई। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के मीरपुर-कोटला क्षेत्र में गुरुवार को हुई बारिश ने उद्योग संचालकों की चिंता बढ़ा दी। क्षेत्र के कुछ उद्योगों में बरसाती पानी और मलबा घुसने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। उद्योग प्रबंधन का आरोप है कि वर्षों पुराने बरसाती नाले का प्राकृतिक निकास बाधित होने के कारण वर्षा जल का बहाव रुक गया और पानी सीधे उद्योग परिसरों तक पहुंच गया।
उद्योग संचालकों के अनुसार इंडो हर्बल एक्स्ट्रैक्ट और लेवेंडर डेरी के बीच से गुजरने वाला पुराना बरसाती नाला आगे पुल के समीप नदी में मिलता है। आरोप है कि करीब चार महीने पहले एक व्यक्ति ने संबंधित भूमि पर अपना दावा जताते हुए नाले के एक हिस्से में मिट्टी डालकर उसका रास्ता बंद कर दिया, जिससे बारिश का पानी स्वाभाविक रूप से आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
उद्योग प्रबंधन का कहना है कि मानसून शुरू होने से पहले ही संभावित खतरे को लेकर जिला प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को लिखित रूप से अवगत कराया गया था। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका और पहली ही तेज बारिश में पानी उद्योगों के भीतर तथा सड़क तक पहुंच गया।
शिकायत मिलने के बाद एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान ने राजस्व विभाग को मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कानूनगो छज्जूराम ने स्थल का निरीक्षण कर बरसाती पानी के निकास की व्यवस्था बहाल करने के निर्देश संबंधित पक्ष को दिए। हालांकि गुरुवार की बारिश के दौरान स्थिति फिर बिगड़ गई और जलभराव की समस्या सामने आ गई।
इंडो हर्बल एक्स्ट्रैक्ट के संचालक डॉ. डी. सिंह ने बताया कि मानसून की शुरुआत में ही उद्योग परिसर में पानी घुसना गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि यदि जल्द निकास व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो आगामी बारिश में उद्योगों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बताया जा रहा है कि राजस्व विभाग ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम नाहन को सौंप दी है। वहीं एसडीएम राजीव सांख्यान ने कहा कि मामले में न्यायालय के आदेशों और प्रचलित नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
