अगर आप सिरमौर में मकान, होटल या किसी निजी निर्माण के लिए पहाड़ी कटान (हिल कटिंग) कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।
जिला प्रशासन ने मानसून के खतरे को देखते हुए बड़ा फैसला लेते हुए 31 अगस्त 2026 तक सभी गैर-आवश्यक पहाड़ी कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
सिरमौर: सिरमौर में 31 अगस्त तक हिल कटिंग पर पूर्ण प्रतिबंध, उपायुक्त ने जारी किए आदेश
नाहन (सिरमौर), 09 जुलाई। मानसून के दौरान संभावित भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन सिरमौर ने बड़ा कदम उठाया है। जिला दण्डाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) प्रियंका वर्मा ने निजी विकास कार्यों, निर्माण गतिविधियों तथा अन्य गैर-आवश्यक कार्यों के लिए होने वाले सभी प्रकार के पहाड़ी कटान (हिल कटिंग) पर तत्काल प्रभाव से 31 अगस्त 2026 तक पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।
जारी आदेशों के अनुसार वर्ष 2023 और 2025 में भारी बारिश, बादल फटने तथा फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं से जिला सिरमौर सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में व्यापक नुकसान हुआ था। वहीं, मौजूदा मानसून सीजन में भी भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) समय-समय पर रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी कर रहा है तथा जिले में लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है।
प्रशासन का कहना है कि जन-धन की सुरक्षा, आवासीय क्षेत्रों, महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाओं तथा जिले के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने और संभावित नुकसान को कम करने के उद्देश्य से आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 33 एवं 34 के तहत यह निर्णय लिया गया है।
हालांकि, आपदा शमन, आपदा से क्षतिग्रस्त अवसंरचना की बहाली, सड़कों की मरम्मत, पेयजल, विद्युत आपूर्ति तथा अन्य आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े कार्य इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।
जिला प्रशासन ने सभी विभागों और संबंधित अधिकारियों को आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आम जनता से भी अपील की गई है कि मानसून के दौरान सुरक्षा उपायों का पालन करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सहयोग करें।
