Road Accident: शादी की खुशियों से लौट रहा परिवार मातम में बदला, कुराली बाईपास हादसे में मैहतपुर के दंपती समेत तीन की मौत
हरियाणा से शादी समारोह से लौट रहे परिवार की खुशियां कुछ ही पलों में मातम में बदल गईं। कुराली बाईपास पर ट्रक की अचानक लगी ब्रेक ने ऐसा हादसा कराया कि तीन लोगों की मौके पर ही जान चली गई।
ऊना/कुराली। पंजाब के कुराली बाईपास पर मंगलवार दोपहर हुए भीषण सड़क हादसे में हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के मैहतपुर क्षेत्र से जुड़े एक उद्योगपति परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे में मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपति शम्मी जैन के पुत्र प्रत्यूष जैन, उनकी पत्नी और देहलां निवासी एडवोकेट सुरेश ऐरी की मौके पर ही मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जैन परिवार हरियाणा के जींद में आयोजित पारिवारिक विवाह समारोह से लौट रहा था। परिवार की कई गाड़ियां एक-दूसरे के आगे-पीछे चल रही थीं। मंगलवार करीब 11:30 बजे जब काफिला कुराली बाईपास के पास पहुंचा तो प्रत्यूष जैन की कार के आगे चल रहे ट्रक चालक ने अचानक ब्रेक लगा दी। इससे पीछे चल रही कार ट्रक के पिछले हिस्से से तेज रफ्तार में जा टकराई।
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रक चालक ने सड़क पर आए एक सांप को बचाने के प्रयास में अचानक ब्रेक लगाई थी। अचानक बने इस हालात में पीछे चल रहे प्रत्यूष जैन अपनी कार को नियंत्रित नहीं कर सके और हादसा हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के समय मृतकों के पीछे शम्मी जैन सहित परिवार के अन्य सदस्य भी दूसरी गाड़ियों में आ रहे थे। शादी की खुशियां लेकर घर लौट रहा परिवार देखते ही देखते गहरे शोक में डूब गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को सूचना दी गई।
पंजाब पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
बताया जा रहा है कि दिवंगत एडवोकेट सुरेश ऐरी सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। वे मूक-बधिर विशेष बच्चों के आश्रय विद्यालय के संचालन से जुड़े थे तथा बेसहारा बुजुर्गों के लिए संचालित आश्रय गृह के प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है।
