Himachal News: दुग्ध उत्पादकों के लिए बड़ी खुशखबरी, सरकार ने बढ़ाई मंडी शुल्क से छूट, हजारों किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
शिमला। हिमाचल प्रदेश के हजारों दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने दुग्ध उत्पादक समितियों को बड़ी वित्तीय राहत देते हुए दूध के विपणन पर लगने वाले मंडी शुल्क और संबंधित फीस से छूट की अवधि बढ़ा दी है। इस फैसले से समितियों की लागत कम होगी और इसका लाभ सीधे किसानों तक पहुंचने की उम्मीद है।
कृषि विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रदेश की दुग्ध उत्पादक समितियों को अनुसूचित कृषि उपज ‘दूध’ के विपणन पर देय मंडी शुल्क और संबंधित फीस के भुगतान से 1 अप्रैल 2024 से 31 अक्तूबर 2025 तक छूट प्रदान की गई है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय 25 अक्तूबर 2025 को जारी पूर्व अधिसूचना के क्रम में लिया गया है। अधिसूचना के तहत प्रदेश की सभी पात्र दुग्ध उत्पादक समितियां संबंधित अधिनियम की धारा 44 और 45 के अंतर्गत देय मंडी शुल्क और फीस के भुगतान से निर्धारित अवधि तक मुक्त रहेंगी।
सरकार के इस कदम से दुग्ध सहकारी समितियों की परिचालन लागत में कमी आएगी, जिससे उनके संचालन को मजबूती मिलेगी। साथ ही दूध के संग्रहण, विपणन और वितरण से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
प्रदेश में बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक अपनी आजीविका के लिए दुग्ध उत्पादन पर निर्भर हैं। इनमें से हजारों लोग विभिन्न दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में मंडी शुल्क से मिली यह छूट उनकी आय बढ़ाने और डेयरी क्षेत्र को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
