हिमाचल: सावधान! कहीं आप भी तो नहीं खा रहे मिलावटी घी-तेल? जांच में फेल हुए देसी घी, सरसों तेल और पीडीएस दलिया के सैंपल
शिमला। अगर आप बाजार से देसी घी, सरसों का तेल या पीडीएस के तहत मिलने वाला दलिया खरीद रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हिमाचल प्रदेश में खाद्य सुरक्षा विभाग की ताजा जांच में कई खाद्य उत्पाद गुणवत्ता और लेबलिंग मानकों पर फेल पाए गए हैं। विभाग ने संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करते हुए नोटिस जारी कर दिए हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत की गई इस कार्रवाई में देसी घी, सरसों तेल और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के दलिया सहित चार नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। जांच में कुछ उत्पादों को सबस्टैंडर्ड तो कुछ को मिसब्रांडेड घोषित किया गया है।
जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रियंका कश्यप ने विभिन्न क्षेत्रों से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए थे। इन नमूनों की जांच सीटीएल कंडाघाट (सोलन) स्थित प्रयोगशाला में खाद्य विश्लेषक रिपु दमन कुमार द्वारा की गई। जांच रिपोर्ट में अलग-अलग कारणों से सभी चार नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे।
जांच के दौरान पांवटा साहिब के खोड़री-माजरी क्षेत्र से लिया गया हिम भोग दलिया (पीडीएस) का नमूना लेबलिंग नियमों का उल्लंघन करता पाया गया। उत्पाद पर उपभोक्ता शिकायत संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं थी।
वहीं, धौलाकुआं से लिया गया हिमाचल फ्रेश देसी घी गुणवत्ता और लेबलिंग, दोनों मानकों पर फेल पाया गया। इसके अलावा जांच में शामिल सरसों के तेल के नमूने पर प्रति यूनिट बिक्री मूल्य अंकित नहीं था, जिसके चलते उसे मिसब्रांडेड घोषित किया गया।
माजरा क्षेत्र से लिए गए एक अन्य देसी घी के नमूने में भी गंभीर गुणवत्ता संबंधी कमियां सामने आईं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
