Himachal News: आईजीएमसी में मरीजों को बड़ी राहत! जल्द लगेगी 256-स्लाइस CT स्कैन मशीन, जांच में खत्म होगी लंबी वेटिंग
शिमला: आईजीएमसी शिमला में इलाज कराने आने वाले हजारों मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। जल्द ही अस्पताल को अत्याधुनिक 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन मिलने जा रही है, जिससे जांच की क्षमता बढ़ेगी और मरीजों को लंबे इंतजार से निजात मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाणा के डायग्नोस्टिक विभागों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीटी स्कैन, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी जांच सेवाओं में मरीजों के लिए ‘जीरो वेटिंग टाइम’ सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों को समय पर, सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के साथ-साथ आवश्यक मानव संसाधन भी उपलब्ध करा रही है। ऐसे में विभाग को बेहतर समन्वय के साथ काम करते हुए जांच सेवाओं में प्रतीक्षा अवधि समाप्त करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने होंगे।
बैठक के दौरान आईजीएमसी के चिकित्सकों ने अस्पताल के लिए 256-स्लाइस सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध कराने की मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने जल्द ही नई मशीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए धन की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी और सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत कर रही है।
मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से डायग्नोस्टिक सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं मरीज-केंद्रित बनाने के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा, पैरामेडिकल और तकनीकी स्टाफ के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है, ताकि प्रदेश के लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने 3,000 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण खरीदने की योजना बनाई है। ये उपकरण मेडिकल कॉलेजों के अलावा जिला, आंचलिक और अन्य नागरिक अस्पतालों में भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
बैठक में प्रधान सचिव देवेश कुमार, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. गोपाल बेरी सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
