Sirmaur News: सिरमौर में बेटियों की बढ़ी संख्या, लिंगानुपात पहुंचा 1018; कुपोषण और एनीमिया खत्म करने पर भी फोकस
सिरमौर ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले में जन्म के समय लिंगानुपात बढ़कर 1018 पहुंच गया है, जो प्रदेश और राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर माना जा रहा है।
नाहन (सिरमौर), 2 जुलाई। सिरमौर ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। जिले में जन्म के समय लिंगानुपात गत वर्ष के 957 से बढ़कर इस वर्ष 1018 दर्ज किया गया है, जो प्रदेश और राष्ट्रीय औसत से बेहतर माना जा रहा है। साथ ही जिले में कुपोषण और एनीमिया को खत्म करने के लिए पोषण अभियान के तहत व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
यह जानकारी उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में मिशन शक्ति अम्ब्रेला एवं पोषण अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए गठित जिला स्तरीय निगरानी एवं समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उपायुक्त ने बताया कि पोषण अभियान का मुख्य उद्देश्य 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और किशोरियों में कुपोषण व एनीमिया की दर को कम करना है। इसके साथ ही बच्चों में कम वजन, बौनापन तथा महिलाओं और बच्चों में खून की कमी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चे के बेहतर मानसिक और शारीरिक विकास के लिए उसके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत स्थानीय पौष्टिक आहार, मोटे अनाज विशेषकर बाजरा तथा आहार विविधता को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं, अति कुपोषित अथवा स्वास्थ्य में सुधार न होने वाले बच्चों के लिए पुनर्वास केंद्रों में विशेष देखभाल की व्यवस्था भी की गई है।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग 1,486 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 12,617 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा 6 माह से 6 वर्ष तक के 2,635 बच्चों को पोषाहार एवं अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में जिले में आठ आंगनवाड़ी सह-क्रेच शुरू किए जा चुके हैं, जबकि भविष्य में 57 नए क्रेच संचालित किए जाने का प्रस्ताव है।
बैठक में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में इस योजना के तहत 52.11 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से अब तक 119 पात्र लाभार्थियों को 14.25 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी है।
इसी प्रकार, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के अंतर्गत 18 वर्ष तक के 1,891 पात्र लाभार्थियों को 57.70 लाख रुपये तथा 18 से 27 वर्ष आयु वर्ग के 11 पात्र लाभार्थियों को 2.26 लाख रुपये की वित्तीय सहायता वितरित की गई है।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान जिला विकास अधिकारी (ग्रामीण विकास) अंजली गर्ग, जिला पंचायत अधिकारी विक्रम ठाकुर, जिले के सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
