Himachal Weather: हिमाचल में मानसून की एंट्री, अगले 7 दिन भारी बारिश का दौर; कई जिलों में ऑरेंज-येलो अलर्ट
आखिरकार हिमाचल में मानसून ने दस्तक दे दी है और अब अगले एक सप्ताह तक बारिश का सिलसिला लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है।
मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए भारी से बहुत भारी बारिश, भूस्खलन और जलभराव की आशंका जताई है।
शिमला: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के बड़े हिस्से में प्रवेश कर लिया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार मानसून अब पूरे किन्नौर जिले, कुल्लू और लाहौल-स्पीति के अधिकांश क्षेत्रों, शिमला और मंडी के कई इलाकों के साथ सिरमौर और कांगड़ा के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है। विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा।
इस बार मानसून सामान्य समय से करीब 10 दिन देरी से पहुंचा है। प्रदेश में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 25 जून मानी जाती है, जबकि पिछले वर्ष यह 20 जून को ही पहुंच गया था। मौसम विभाग ने इस बार पूरे सीजन में सामान्य से कम वर्षा होने का अनुमान भी जताया है।
मानसून की पहली तेज बारिश का असर राजधानी शिमला में भी देखने को मिला। बालूगंज क्षेत्र में अचानक हुई भारी बारिश के कारण नाले का मलबा सड़क पर आ गया, जिससे शिमला-चक्कर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए पूरी तरह बाधित हो गई। बाद में लोक निर्माण विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाया और देर शाम तक सड़क यातायात के लिए बहाल कर दी।
मौसम विभाग के अनुसार 1 से 7 जुलाई के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। विशेष रूप से 2, 3, 6 और 7 जुलाई को बारिश का असर अधिक रहने का अनुमान है।
विभाग ने 2 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों के लिए, 3 जुलाई को ऊना, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर तथा 4 जुलाई को कांगड़ा, मंडी और शिमला जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा विभिन्न तिथियों पर कई अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
पिछले 24 घंटों के दौरान गोहर में 55 मिमी, मंडी में 45.6 मिमी, बरठीं में 42.6 मिमी, रायपुर मैदान में 41 मिमी, सुंदरनगर में 31.4 मिमी, कांगड़ा में 30.8 मिमी और बग्गी में 24 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
