हिमाचल में दो जगह आग का कहर: चंबा के स्कूल में तीन कमरे और रिकॉर्ड राख, पालमपुर में PWD कार्यालय में टला बड़ा हादसा
रविवार शाम हिमाचल में आग की दो अलग-अलग घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। चंबा में एक सरकारी स्कूल आग की भेंट चढ़ गया, जबकि पालमपुर में समय रहते आग बुझने से बड़ा नुकसान टल गया।
चंबा में स्कूल के अंदर सिलिंडर फटने से आग और भड़की, वहीं पालमपुर में बिजली की तार में लगी आग ने कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।
चंबा/पालमपुर। हिमाचल प्रदेश में रविवार शाम आग लगने की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। चंबा जिले के चुराह उपमंडल में एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में भीषण आग लगने से तीन कमरे और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जलकर राख हो गए, जबकि पालमपुर में लोक निर्माण विभाग (PWD) के वृत्त कार्यालय में आग लगने की घटना में समय रहते बड़ा नुकसान टल गया।
चंबा के स्कूल में लगी भीषण आग
चुराह उपमंडल के शिक्षा खंड कल्हेल के अंतर्गत आने वाले राजकीय प्राथमिक पाठशाला सलोह में रविवार शाम करीब पांच बजे अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने स्कूल भवन को अपनी चपेट में ले लिया और तीन कमरे पूरी तरह जलकर राख हो गए।
आग लगने के दौरान स्कूल परिसर में रखे दो सिलिंडर भी फट गए, जिससे आग और तेजी से फैल गई। स्कूल की छत टीन की चादरों की होने के कारण आग ने पूरे भवन में तेजी से फैलकर भारी नुकसान पहुंचाया।
गनीमत यह रही कि रविवार होने के कारण स्कूल में अवकाश था और परिसर में कोई छात्र या शिक्षक मौजूद नहीं था। यदि स्कूल खुला होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
स्कूल प्रभारी कुलदीप ने बताया कि आग की घटना में स्कूल का पूरा रिकॉर्ड, जरूरी दस्तावेज और भवन का बड़ा हिस्सा जलकर नष्ट हो गया। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
पालमपुर में PWD कार्यालय में लगी आग
वहीं, पालमपुर स्थित लोक निर्माण विभाग के वृत्त कार्यालय में रविवार शाम करीब छह बजे बिजली के कनेक्शन की तार में आग लग गई। आग लगने के बाद तार टूट गई, जिससे आग अपने आप बुझ गई और बड़ा नुकसान होने से बच गया।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, आग अचानक बिजली की तार में लगी थी। घटना में कार्यालय के रिकॉर्ड या अन्य सामान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
दमकल विभाग के अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पालमपुर कार्यालय में आग लगने की सूचना विभाग को नहीं मिली थी। हालांकि, समय रहते आग बुझ जाने के कारण किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई।
दो अलग-अलग स्थानों पर हुई इन घटनाओं ने एक बार फिर अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं और बिजली संबंधी सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर किया है।
