Himachal Weather Update: हिमाचल में फिर बढ़ा बारिश का खतरा, 3 जुलाई तक भारी वर्षा का अलर्ट
शिमला। अगर आप अगले कुछ दिनों में हिमाचल के पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं तो सावधान हो जाएं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार को कांगड़ा, धर्मशाला और कुल्लू सहित कई क्षेत्रों में हुई बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं मौसम विभाग ने आगामी 3 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है।
मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई से 3 जुलाई के बीच बिलासपुर, सोलन, सिरमौर और आसपास के जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि कुछ स्थानों पर 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की जा सकती है।
संभावित भारी वर्षा को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। विशेष रूप से पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वालों को मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही सफर करने की सलाह दी गई है।
कुल्लू जिले के गड़सा और बजौरा क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा धर्मशाला और कांगड़ा के कई इलाकों में भी झमाझम बारिश हुई। राजधानी शिमला में दिनभर बादल छाए रहने से मौसम सुहावना बना रहा।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले तीन से चार दिनों के दौरान उत्तराखंड और आसपास के क्षेत्रों में और सक्रिय हो सकता है, जिसका असर हिमाचल प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। इसके चलते कई जिलों में वर्षा गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
प्रदेश के तापमान में भी बड़ा अंतर देखने को मिला। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सिरमौर के पांवटा साहिब में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
उधर, बारिश और ठंडे मौसम के बीच रोहतांग दर्रा, कुंजुम दर्रा, शिंकुला और बारालाचा दर्रा में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। बर्फ से ढकी चोटियों और सुहावने मौसम का सैलानियों ने भरपूर आनंद लिया। वहीं ऊना जिले में उमस और गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिल सकी, क्योंकि दिनभर बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं हुई।
