उद्योगपतियों की मांग पर टला पावर कट, कालाअंब के उद्योगों को मिली बड़ी राहत
महीने के आखिर में उद्योगों पर मंडराया पावर कट का संकट टल गया है। उद्योगपतियों की एकजुट आवाज के आगे बिजली बोर्ड को अपना फैसला बदलना पड़ा, जिससे कालाअंब के सैकड़ों उद्योगों को बड़ी राहत मिली है।

कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के उद्योगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। महीने के अंतिम दिनों में प्रस्तावित बिजली कटौती को उद्योगपतियों की मांग पर फिलहाल टाल दिया गया है। इससे उत्पादन कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी और उद्योगों को आर्थिक नुकसान से भी बचाया जा सकेगा।
लघु उद्योग भारती कालाअंब इकाई की ओर से अध्यक्ष अखिल माहेश्वरी के नेतृत्व में होटल ब्लैक मैंगो में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड (एचपीएसईबीएल) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र कुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार, एसडीओ महेश चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान उद्योगपतियों ने प्रस्तावित पावर कट को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की मांग रखी। उनका कहना था कि वर्तमान समय में अधिकांश उद्योगों में महीने के अंत का उत्पादन कार्य चल रहा है, ऐसे में बिजली आपूर्ति बाधित होने से उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
उद्योगपतियों ने यह भी बताया कि आगामी रविवार को पोलियो अभियान आयोजित किया जाना है, जिसके चलते भी पावर कट से विभिन्न व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है। इस पर विद्युत बोर्ड अधिकारियों ने सहमति जताते हुए पावर कट की तिथि आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
बैठक में लंबे समय से लंबित सिक्योरिटी रिफंड के मामलों और शिफ्ट किए गए बिजली कनेक्शनों से संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा हुई। विभागीय अधिकारियों ने संबंधित मामलों का संज्ञान लेते हुए प्रभावित उद्योगों को आगामी मंगलवार या बुधवार तक आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
इसके अलावा एलवीएस चार्जेज से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने उद्योगपतियों को एचपीएसईबीएल मोबाइल एप का उपयोग करने की सलाह देते हुए बताया कि स्मार्ट मीटर से जुड़े उपभोक्ता अपने मीटर नंबर को ऐप से जोड़कर बिजली खपत की दैनिक जानकारी सहित अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।
बैठक के अंत में लघु उद्योग भारती कालाअंब इकाई ने सभी अधिकारियों एवं उद्योगपतियों का सहयोग और सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया। उद्योग जगत ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी विभाग और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय बना रहेगा।
