HPU PhD Admission 2026: जरूरी दस्तावेज नहीं लाए तो छूट सकता है मौका, 1 जुलाई से शुरू होगी काउंसलिंग
शिमला। अगर आप हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पीएचडी करने का सपना देख रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। विश्वविद्यालय ने पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को तेज करते हुए विभिन्न विभागों के लिए काउंसलिंग और शोध प्रस्ताव प्रस्तुतीकरण की तिथियां घोषित कर दी हैं। निर्धारित दस्तावेज साथ नहीं लाने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश प्रक्रिया से बाहर भी किया जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत पीएचडी प्रवेश के लिए 1 जुलाई से 4 जुलाई तक अलग-अलग विभागों में काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभ्यर्थियों को तय समय पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
हिंदी विभाग में नियमित और पार्ट-टाइम पीएचडी कार्यक्रम के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की काउंसलिंग 3 और 4 जुलाई को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन पत्र की प्रति, मूल प्रमाणपत्र, स्वप्रमाणित दस्तावेज तथा संक्षिप्त शोध प्रस्ताव साथ लाना होगा।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि मास्टर डिग्री के बिना कोई भी अभ्यर्थी प्रवेश के लिए पात्र नहीं होगा।
लोक प्रशासन विभाग में काउंसलिंग और शोध प्रस्ताव प्रस्तुतीकरण 1 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित किया जाएगा। विभाग ने कहा है कि काउंसलिंग में शामिल होना अंतिम पात्रता की गारंटी नहीं है। अंतिम चयन और पात्रता का निर्धारण एचपीयू पीएचडी विनियम-2025 तथा पार्ट-टाइम पीएचडी कार्यक्रम 2026 के प्रावधानों के आधार पर किया जाएगा।
वहीं जैव विज्ञान विभाग के अंतर्गत बॉटनी और जूलॉजी विषयों के लिए पीएचडी प्रवेश काउंसलिंग 2 जुलाई को विभागाध्यक्ष कक्ष में सुबह 10 बजे से आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को शोध प्रस्ताव की हार्ड कॉपी, पावर प्वाइंट प्रस्तुति, आवेदन पत्र की प्रति और अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
विश्वविद्यालय ने सभी अभ्यर्थियों को पीएचडी विनियम-2025, यूजीसी विनियम-2025 और पार्ट-टाइम पीएचडी कार्यक्रम 2026 के दिशा-निर्देशों का अध्ययन करने की सलाह दी है। पार्ट-टाइम अभ्यर्थियों के लिए नियोक्ता से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्रस्तुत करना अनिवार्य रहेगा।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आवश्यक दस्तावेजों के बिना काउंसलिंग में पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश प्रक्रिया से बाहर किया जा सकता है।
