रोहड़ू हत्याकांड का खुलासा: 77 वर्षीय महिला की हत्या के आरोप में तीन गिरफ्तार, चोरी की नीयत से दिया वारदात को अंजाम
शिमला। शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के शलाश डोगरी गांव में हुई 77 वर्षीय बुजुर्ग महिला की हत्या की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है। जिस हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था, उसमें पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने चोरी की नीयत से घर में घुसकर बुजुर्ग महिला की हत्या कर दी थी।
16 जून को हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि घटनास्थल पर न तो कोई प्रत्यक्षदर्शी था और न ही आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे थे। ऐसे में यह मामला पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर बन गया था, लेकिन वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के सहारे पुलिस ने आखिरकार आरोपियों तक पहुंच बना ली।
मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में एएसपी सिटी मेहर पंवार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 16 जून को पुलिस को सूचना मिली थी कि शलाश डोगरी निवासी 77 वर्षीय गीता देवी अपने घर में मृत अवस्था में पाई गई हैं। शुरुआती जांच में हत्या की आशंका जताई गई, जिसके बाद 17 जून को पुलिस थाना रोहड़ू में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित किया और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया गया तथा अन्य जैविक और भौतिक साक्ष्य भी सुरक्षित किए गए।
पुलिस जांच में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 28 वर्षीय लाल बहादुर उर्फ लालू, 19 वर्षीय नवीन और 20 वर्षीय संतोष के रूप में हुई है। तीनों मूल रूप से नेपाल के निवासी हैं और रोहड़ू क्षेत्र में बागवानों के पास काम कर रहे थे।
एएसपी मेहर पंवार ने बताया कि मामले में कोई प्रत्यक्ष सुराग उपलब्ध नहीं था। मृतका के घर के आसपास सीसीटीवी कवरेज नहीं थी और घर से किसी बड़ी चोरी की भी पुष्टि नहीं हुई थी। इसके बावजूद पुलिस ने मानव स्रोतों और तकनीकी संसाधनों का सहारा लेते हुए जांच को आगे बढ़ाया।
पुलिस ने मृतका के परिजनों, परिचितों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। इसके अलावा घटनास्थल तक जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया गया। संदिग्ध वाहनों की गतिविधियों की जांच के साथ मोबाइल टावर डंप डाटा का भी गहन अध्ययन किया गया।
तकनीकी विश्लेषण के दौरान तीनों आरोपियों की लोकेशन घटना के समय घटनास्थल के आसपास पाई गई। इसके बाद पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ की, जिसमें कई अहम तथ्य सामने आए।
जांच के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस फिलहाल आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगामी कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है।
