Himachal Crime: शराब के नशे में उजड़ गया परिवार, बेटे के डंडे ने छीन ली मां की जिंदगी
रविवार रात मंडी के एक घर से चीखों की आवाजें उठीं और कुछ ही मिनटों में पूरा परिवार बिखर गया।
जिस बेटे को मां ने पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी के हाथों मां की जान चली गई, जबकि पिता अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
मंडी। मंडी जिले के सुंदरनगर उपमंडल के जयदेवी क्षेत्र के गहरी गांव में रविवार रात एक दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। घरेलू विवाद और शराब के नशे ने एक परिवार को ऐसी त्रासदी दी, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। आरोपी बेटे ने कथित तौर पर अपनी ही मां की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी, जबकि पिता को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 10 बजे 61 वर्षीय फागनु राम और उनके 40 वर्षीय बेटे खेमा राम के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच विवाद उस समय बढ़ गया जब आरोपी शराब के नशे में था। देखते ही देखते बहस हिंसक झगड़े में बदल गई।
आरोप है कि खेमा राम ने डंडा उठाकर अपने पिता पर हमला कर दिया। इसी दौरान बीच-बचाव करने पहुंची उसकी 55 वर्षीय मां पार्वती देवी भी बेटे के गुस्से का शिकार बन गईं। आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रात करीब 11 बजे मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही बीएसएल थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घायल फागनु राम को उपचार के लिए सिविल अस्पताल सुंदरनगर पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतका पार्वती देवी शिमला में सरकारी कर्मचारी थीं। परिवार का स्थायी निवास शिमला में है, लेकिन वे इन दिनों मक्की की बिजाई के लिए अपने पैतृक गांव आए हुए थे। बताया जा रहा है कि फागनु राम गांव स्थित घर में अकेले रह रहे थे।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी खेमा राम को गिरफ्तार कर लिया है। उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। वहीं, पार्वती देवी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी ने भी नहीं सोचा था कि एक मामूली विवाद इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा।
