Himachal News: किसानों-बागवानों के लिए बड़ी राहत, अब मेटल कंटेनर में मिलेगा पेट्रोल-डीजल
अब खेतों और बागानों में काम करने वाले किसानों को बार-बार पेट्रोल पंप के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सरकार के नए आदेश के बाद मेटल कंटेनर में एक दिन में 200 लीटर तक पेट्रोल या डीजल लेने की सुविधा मिल सकेगी।
सोलन। हिमाचल प्रदेश के किसानों, बागवानों और उद्योगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल पंप संचालक किसानों, बागवानों और उद्योगों को पेट्रोल या डीजल देने से इनकार नहीं कर सकते। हालांकि इसके लिए ईंधन लेने वाले लोगों को मेटल (लोहे) के कंटेनर का इस्तेमाल करना होगा।
नई व्यवस्था के तहत किसान और बागवान प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर तक पेट्रोल या डीजल मेटल कंटेनर में ले सकेंगे। सरकार ने सभी जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रकों को निर्देश दिए हैं कि वे इस व्यवस्था की निगरानी करें और यदि कोई पेट्रोल पंप संचालक नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
दरअसल, पिछले कुछ समय से प्रदेश के कई हिस्सों में किसानों और बागवानों को पेट्रोल पंपों से खुले में पेट्रोल-डीजल नहीं मिलने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खेती-बाड़ी और बागवानी में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण जैसे पावर टिलर, स्प्रे मशीन और अन्य कृषि यंत्र पेट्रोल या डीजल से संचालित होते हैं।
इन उपकरणों को हर बार पेट्रोल पंप तक ले जाना किसानों के लिए आसान नहीं होता। कई दूरदराज क्षेत्रों में स्थित खेतों और बागानों तक ईंधन पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ था। पावर टिलर जैसे उपकरणों की छोटी टंकियां कुछ घंटों में खाली हो जाती हैं, जिसके कारण किसानों को बार-बार ईंधन लेने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।
सरकार की नई व्यवस्था से अब किसान और बागवान एक बार में अधिक मात्रा में ईंधन ले जाकर अपने खेतों और बागानों में काम आसानी से कर सकेंगे। इससे उनके समय, श्रम और परिवहन खर्च में भी कमी आएगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्लास्टिक की बोतलों में पेट्रोल या डीजल भरकर ले जाने पर रोक जारी रहेगी। पेट्रोल अत्यधिक ज्वलनशील और वाष्पशील होता है, इसलिए प्लास्टिक की बोतलों में इसे ले जाना आग और दुर्घटना के खतरे को बढ़ा सकता है। इसी वजह से अब केवल मेटल कंटेनरों में ही ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा।
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक सोलन श्रवण हिमालयन ने कहा कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार किसानों, बागवानों और उद्योगों को मेटल कंटेनर में पेट्रोल या डीजल देने से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि कोई पेट्रोल पंप संचालक ऐसा करता है तो संबंधित विभाग को शिकायत दी जा सकती है, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नई व्यवस्था से प्रदेश के हजारों किसानों और बागवानों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां खेती और बागवानी के लिए मशीनों पर निर्भरता अधिक है।
