Himachal Electricity News: बिजली बिल में चुपचाप बढ़ा खर्च! जून के बिल देखते ही उपभोक्ताओं को लगा झटका, अब प्रति यूनिट देना होगा अतिरिक्त फ्यूल चार्ज
शिमला। अगर इस बार आपका बिजली बिल सामान्य से अधिक आया है, तो इसकी वजह सिर्फ बिजली खपत नहीं है। हिमाचल प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं पर अब बिजली बिल में एक नया अतिरिक्त शुल्क लागू हो गया है, जिससे हर महीने का खर्च बढ़ने वाला है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने मार्च 2026 में उपभोग की गई बिजली पर 33.8 पैसे प्रति यूनिट की दर से फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) लागू किया है। इस अतिरिक्त शुल्क की वसूली जून माह में जारी बिजली बिलों के माध्यम से शुरू कर दी गई है। प्रदेश के करीब 28 लाख बिजली उपभोक्ता इसके दायरे में आए हैं।
बोर्ड के अनुसार यह शुल्क राज्य विद्युत नियामक आयोग के नियमों और स्वीकृति के तहत लगाया गया है। मार्च 2026 के दौरान बिजली खरीद और ईंधन लागत में आए अतिरिक्त खर्च का आकलन करने के बाद प्रति यूनिट 33.8 पैसे की वसूली को मंजूरी दी गई है। इसका असर घरेलू, वाणिज्यिक और अन्य सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
बिजली बोर्ड मुख्यालय ने इस संबंध में सभी फील्ड कार्यालयों और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि आयोग के आदेशों के अनुरूप फ्यूल चार्ज की वसूली सुनिश्चित की जा सके।
बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक आदित्य नेगी ने स्पष्ट किया कि यह कोई नई बिजली दर वृद्धि नहीं है। उन्होंने बताया कि यह शुल्क बिजली खरीद और ईंधन लागत में हुए अंतर के समायोजन के लिए नियामक प्रावधानों के तहत लगाया गया है। आगामी महीनों में इस शुल्क को जारी रखना है या नहीं, इसके लिए नियामक आयोग के समक्ष अलग से याचिका दायर की गई है।
क्या होता है फ्यूल चार्ज?
फ्यूल चार्ज वह अतिरिक्त राशि होती है, जो बिजली उत्पादन या बाहरी स्रोतों से बिजली खरीदने में आने वाली वास्तविक लागत और अनुमानित लागत के बीच अंतर को पूरा करने के लिए ली जाती है। जब बिजली खरीदने या ईंधन पर खर्च बढ़ जाता है, तो नियामक आयोग की मंजूरी के बाद उसका एक हिस्सा उपभोक्ताओं से वसूला जाता है।
पहले से कई शुल्क दे रहे हैं उपभोक्ता
प्रदेश के बिजली उपभोक्ता पहले ही बिजली बिलों में विभिन्न प्रकार के शुल्क और उपकर अदा कर रहे हैं। इनमें स्वच्छता सेस सहित अन्य निर्धारित चार्ज शामिल हैं। वहीं, बिजली सब्सिडी को लेकर भी सरकार ने नई व्यवस्था लागू की हुई है, जिसके तहत सीमित श्रेणी के उपभोक्ताओं को ही राहत मिल रही है।
ऐसे बढ़ेगा बिजली बिल
फ्यूल चार्ज लागू होने के बाद बिजली खपत के अनुसार उपभोक्ताओं को अतिरिक्त राशि चुकानी होगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी उपभोक्ता की मासिक खपत 100 यूनिट है तो उसे करीब 33.80 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। 200 यूनिट बिजली खर्च करने पर यह राशि 67.60 रुपये, जबकि 300 यूनिट पर 101.40 रुपये तक पहुंच जाएगी।
इसी तरह 500 यूनिट मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं के बिल में लगभग 169 रुपये और 1000 यूनिट खपत करने वालों के बिल में करीब 338 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी होगी। ऐसे में सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल पर 50 से 150 रुपये तक का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है, जबकि अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को इससे ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा।
