हिमाचल में बढ़ा WhatsApp हैकिंग का खतरा! एक गलती से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, पुलिस ने जारी की चेतावनी
शिमला। अगर आपके व्हाट्सएप पर किसी परिचित का अचानक पैसों की मदद मांगने वाला मैसेज आए, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। हो सकता है कि वह आपका दोस्त या रिश्तेदार नहीं, बल्कि कोई साइबर ठग हो। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने लोगों को आगाह करते हुए बताया है कि साइबर अपराधी अब व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, ठग पहले किसी व्यक्ति का व्हाट्सएप अकाउंट अपने कब्जे में लेते हैं। इसके बाद वे उसकी प्रोफाइल फोटो, नाम और संपर्क सूची का इस्तेमाल कर परिचितों को संदेश भेजते हैं। कई मामलों में आरोपी किसी आपात स्थिति का बहाना बनाकर तत्काल पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाते हैं। लोग भरोसे में आकर पैसे भेज देते हैं और बाद में ठगी का पता चलता है।
कैसे हैक हो रहा है WhatsApp अकाउंट?
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, हैकर अक्सर फर्जी लिंक, ओटीपी मांगने वाले संदेश या सोशल इंजीनियरिंग तकनीकों का सहारा लेते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति गलती से ओटीपी साझा करता है या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करता है, उसका व्हाट्सएप अकाउंट अपराधियों के नियंत्रण में जा सकता है।
इसके बाद ठग उसी अकाउंट से दोस्तों, रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों को संदेश भेजकर पैसे मांगते हैं या खतरनाक लिंक भेजकर अन्य लोगों को भी निशाना बनाते हैं।
डीजीपी की अपील: ये सावधानियां जरूर अपनाएं
हिमाचल प्रदेश के डीजीपी अशोक तिवारी ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। साथ ही व्हाट्सएप में Two-Step Verification फीचर को सक्रिय रखें, जिससे अकाउंट की सुरक्षा और मजबूत हो सके।
उन्होंने कहा कि यदि किसी परिचित के नाम से पैसे मांगने वाला संदेश प्राप्त हो, तो पहले सीधे फोन कॉल करके उसकी पुष्टि अवश्य करें। केवल व्हाट्सएप मैसेज पर भरोसा करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।
ठगी होने पर क्या करें?
यदि आपका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो जाए या साइबर ठगी का शिकार बन जाएं, तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करना जरूरी है। समय पर सूचना देने से आर्थिक नुकसान कम करने और अपराधियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
याद रखें: ये 5 गलतियां कभी न करें
✅ किसी को भी ओटीपी न बताएं
✅ अनजान लिंक पर क्लिक न करें
✅ व्हाट्सएप में टू-स्टैप वेरिफिकेशन ऑन रखें
✅ पैसों की मांग वाले मैसेज की फोन पर पुष्टि करें
✅ साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें
सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। एक छोटी सी लापरवाही आपकी निजी जानकारी और मेहनत की कमाई दोनों को खतरे में डाल सकती है।
