मनीषा हत्याकांड के बाद बड़ा फैसला: सरकारी निगरानी में चलेगा सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल, प्रशासक नियुक्त
शिमला में चर्चित मनीषा हत्याकांड के बाद सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल को लेकर अभिभावकों की चिंता अब काफी हद तक दूर हो गई है।
जिला प्रशासन ने स्कूल के संचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए संस्थान को अस्थायी रूप से सरकारी नियंत्रण में लेने का फैसला किया है।
शिमला। राजधानी शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल का प्रबंधन अब प्रशासन की निगरानी में संचालित होगा। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने गुरुवार को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकॉल) ज्योति राणा को विद्यालय का प्रशासक नियुक्त करने के आदेश जारी किए हैं। यह नियुक्ति प्रारंभिक तौर पर छह माह की अवधि के लिए की गई है।
प्रशासन का कहना है कि विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों के हितों और संस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। हाल ही में स्कूल संचालिका मनीषा की हत्या के बाद अभिभावकों के बीच स्कूल के भविष्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।
जारी आदेशों के अनुसार, प्रशासक ज्योति राणा विद्यालय और हिमाचल पब्लिक स्कूल एजुकेशनल सोसायटी, संजौली के दैनिक कार्यों की निगरानी और संचालन करेंगी। साथ ही सोसायटी के उपविधियों और प्रचलित नियमों के अनुरूप नई गवर्निंग बॉडी के गठन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हित और संस्थान की सामान्य कार्यप्रणाली किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। प्रशासन की प्राथमिकता विद्यालय में शैक्षणिक माहौल को सामान्य बनाए रखना और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है।
विद्यालय के संचालन में सहयोग के लिए उपमंडलाधिकारी (ग्रामीण) शिमला, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा शिमला, सहायक रजिस्ट्रार सहकारी सभाएं, सहायक नियंत्रक (वित्त एवं लेखा) उपायुक्त कार्यालय तथा तहसीलदार शिमला (ग्रामीण) को भी आवश्यकतानुसार सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का दावा है कि इस व्यवस्था के दौरान विद्यालय में पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां बिना किसी बाधा के जारी रहेंगी, जिससे छात्रों और अभिभावकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
