Himachal Accident Today: मुंडन संस्कार की खुशियां मातम में बदलीं, चंबा में बोलेरो खाई में गिरी; सात लोगों की दर्दनाक मौत
चंबा। एक परिवार मुंडन संस्कार की रस्म पूरी कर खुशी-खुशी घर लौट रहा था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। चंबा जिले में हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
वीरवार को चंबा-मसरूंड मार्ग पर छतरुंड के समीप एक बोलेरो वाहन अचानक अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भयावह था कि वाहन में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार बोलेरो (एचपी-01सी-2581) में सवार लोग ग्राम महल पंचायत के सपरोठ गांव के निवासी थे। वे काकड़ोथा गांव में आयोजित एक मुंडन संस्कार कार्यक्रम में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में छतरुंड के पास वाहन चालक संतुलन खो बैठा और गाड़ी गहरी खाई में समा गई।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। गहरी खाई होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कड़ी मशक्कत के बाद सभी शवों को खाई से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। वाहन की तकनीकी स्थिति, सड़क की परिस्थितियां और अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल की जा रही है।
इस हादसे में चुनी लाल (65), देवी लाल (62), मोती राम (50), बबली देवी (45), कुंता देवी (53), अनीता कुमारी (20) और चालक मनोहर लाल (34) की जान चली गई। सभी मृतक चंबा जिले के विभिन्न गांवों के निवासी थे।
घटना के बाद पूरे सपरोठ क्षेत्र में शोक का माहौल है। गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। संकरी और घुमावदार सड़कों पर छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से सड़क सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है।
