हिमाचल में तीन संदिग्ध मौतों से सनसनी: 13 वर्षीय छात्र समेत छात्रा और हेयर ड्रेसर ने लगाया फंदा, जांच में जुटी पुलिस
बिलासपुर/मंडी। हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों से सामने आई तीन संदिग्ध मौतों की घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। बिलासपुर में सातवीं कक्षा के एक छात्र, सुंदरनगर में पढ़ाई कर रही एक छात्रा और करसोग में रहने वाले एक हेयर ड्रेसर के फंदे से लटके मिलने से सनसनी फैल गई है। तीनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
बिलासपुर जिले के घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत प्लासला के खूंगण गांव में 13 वर्षीय पुनीत पुत्र कुलदीप अपने घर में फंदे से लटका मिला। बताया जा रहा है कि स्कूल से लौटने के बाद उसने भोजन किया और पढ़ाई करने की बात कहकर कमरे में चला गया। कुछ देर बाद उसकी बहन कमरे में पहुंची तो वह चुनरी के सहारे लटका हुआ मिला।
परिवार और ग्रामीणों ने उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। प्रारंभिक जांच में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और न ही शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। ग्रामीणों के अनुसार पुनीत पढ़ाई में होनहार छात्र था और उसके इस कदम से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है।
उधर, मंडी जिले के सुंदरनगर में 21 वर्षीय छात्रा नेहा अपने किराये के कमरे में फंदे से लटकी मिली। नेहा मूल रूप से निहरी क्षेत्र के जिनझड़ गांव की रहने वाली थी और सुंदरनगर में रहकर अकाउंट्स की पढ़ाई कर रही थी। मंगलवार दोपहर उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार फिलहाल मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं तथा सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
इसी बीच करसोग में भी एक 37 वर्षीय हेयर ड्रेसर रमेश कुमार अपने किराये के कमरे में फंदे से लटका मिला। मंगलवार सुबह उसके रूम पार्टनर ने उसे इस हालत में देखा और पुलिस को सूचना दी। रमेश मूल रूप से सुंदरनगर क्षेत्र का निवासी था और करसोग में काम करता था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा मामले की जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीनों मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अभिभावकों से बच्चों और युवाओं के साथ नियमित संवाद बनाए रखने तथा उनके व्यवहार में आने वाले बदलावों पर विशेष ध्यान देने की अपील की है।
