कालाअंब के उद्योगपतियों ने प्रशासन के सामने रखीं बड़ी समस्याएं, बिजली कटौती और अधूरी सुरक्षा दीवार पर जताई चिंता
बरसात से पहले उद्योगों पर मंडरा रहा खतरा, उत्पादन प्रभावित होने से बढ़ रही लागत
लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अखिल माहेश्वरी के नेतृत्व में उद्यमियों के प्रतिनिधिमंडल ने कार्यकारी उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा, बिजली और डीजल उपलब्धता से जुड़े मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।

कालाअंब/नाहन (सिरमौर)। कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों के समक्ष आ रही विभिन्न समस्याओं को लेकर लघु उद्योग भारती कालाअंब इकाई का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष अखिल महेश्वरी के नेतृत्व में कार्यकारी उपायुक्त सिरमौर एलआर वर्मा से मिला। इस दौरान उद्योग प्रतिनिधियों ने क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और उनके त्वरित समाधान की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मारकंडा नदी के किनारे उद्योगों की सुरक्षा के लिए निर्माणाधीन सुरक्षा दीवार का कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ है। लगभग 80 लाख रुपये की लागत से शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट पर अब तक करीब 55 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन शेष कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
उद्योगपतियों ने कहा कि मानसून सीजन नजदीक होने के कारण उद्योगों को संभावित नुकसान की आशंका बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन से इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करवाने का आग्रह किया।
उद्योग प्रतिनिधियों ने कालाअंब से ब्लैक मैंगो मार्ग के बीच स्थित खुली नाली की समस्या भी प्रमुखता से उठाई। उनका कहना था कि नाली पर पर्याप्त स्लैब नहीं होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। उन्होंने इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।
बैठक के दौरान उद्योग जगत की ओर से बिजली आपूर्ति का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि क्षेत्र में बार-बार होने वाली बिजली कटौती के कारण उत्पादन गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। बिजली बाधित होने पर उद्योगों को डीजल जनरेटरों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उत्पादन लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अखिल महेश्वरी ने कहा कि वर्तमान में उद्योगों को निर्धारित सीमा के भीतर डीजल उपलब्ध होने के कारण भी कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि उद्योगों की आवश्यकताओं को देखते हुए डीजल उपलब्धता की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए अथवा बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय और निर्बाध बनाया जाए, ताकि औद्योगिक उत्पादन प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है और यहां हजारों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है। ऐसे में उद्योगों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाना आवश्यक है।
कार्यकारी उपायुक्त सिरमौर एलआर वर्मा ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी मामलों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डीजल उपलब्धता से जुड़े विषय पर भी उन्होंने संबंधित अधिसूचना का अध्ययन कर उचित कदम उठाने की बात कही।
प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि प्रशासन के हस्तक्षेप से उद्योगों की लंबित समस्याओं का समाधान होगा और कालाअंब औद्योगिक क्षेत्र को आवश्यक राहत मिल सकेगी।
