एक किलो का 1000 रुपये तक मिल रहा भाव! हिमाचल में ब्लूबेरी खेती ने दिखाई नई उम्मीद, सोलन का ट्रायल रहा सफल
सोलन। हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए ब्लूबेरी (Blueberry) की खेती आय बढ़ाने का एक नया और लाभकारी विकल्प बनकर उभर रही है। सोलन जिले में उद्यान विभाग द्वारा किए गए प्रायोगिक परीक्षण की सफलता ने प्रदेश में इस उच्च मूल्य वाली फसल की संभावनाओं को नई दिशा दी है। विभाग का दावा है कि यदि इसे बड़े स्तर पर अपनाया जाता है तो किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
जानकारी के अनुसार, करीब दो वर्ष पूर्व सोलन जिले के धारों की धार क्षेत्र में ब्लूबेरी के पौधे परीक्षण के तौर पर लगाए गए थे। अब इन पौधों में अच्छी गुणवत्ता के फल आने से यह प्रयोग पूरी तरह सफल माना जा रहा है। खास बात यह है कि स्थानीय बाजार में ब्लूबेरी का मूल्य लगभग 1000 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिल रहा है, जिससे किसानों का उत्साह बढ़ा है।
उद्यान विभाग ने केंद्र प्रायोजित एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत सोलन, कुनिहार और कंडाघाट विकास खंडों में चार अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन केंद्र स्थापित किए हैं। इन केंद्रों में संरक्षित वातावरण के बीच करीब 1400 ब्लूबेरी पौधों का सफलतापूर्वक विकास किया जा रहा है। कुछ प्रगतिशील किसानों ने व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन शुरू कर स्थानीय बाजारों में बिक्री भी आरंभ कर दी है।
उद्यान विभाग की उपनिदेशक डॉ. शिवाली ठाकुर के अनुसार, भारत में ब्लूबेरी की व्यावसायिक खेती अभी सीमित क्षेत्रों तक ही सिमटी हुई है, लेकिन हिमाचल की जलवायु इसके लिए बेहद अनुकूल साबित हो सकती है। प्रदेश की अम्लीय मिट्टी और ठंडा मौसम ब्लूबेरी उत्पादन के लिए आदर्श परिस्थितियां प्रदान करते हैं।
अब बड़े स्तर पर विस्तार की तैयारी
ब्लूबेरी की शुरुआती सफलता और किसानों की बढ़ती रुचि को देखते हुए विभाग अब इसके विस्तार की योजना पर काम कर रहा है। हिमाचल प्रदेश उपोष्ण कटिबंधीय बागवानी, सिंचाई एवं मूल्यवर्धन (एचपी शिवा) परियोजना के तहत अकेले सोलन जिले में 10 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में ब्लूबेरी खेती विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है तो आने वाले वर्षों में हिमाचल प्रदेश देश के प्रमुख ब्लूबेरी उत्पादक राज्यों में अपनी पहचान बना सकता है। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि राज्य की बागवानी अर्थव्यवस्था को भी नया आधार मिलेगा।
