हिमाचल: फर्जी EWS प्रमाण पत्र से मिली सरकारी नौकरी! जांच में खुलासा, अब दर्ज हुआ केस
सरकारी नौकरी पाने के लिए क्या किसी ने आय छिपाकर EWS का लाभ लिया? बिलासपुर में सामने आए एक मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
गलत आय विवरण के आधार पर EWS प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी नौकरी हासिल करने के आरोप में अब पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिलासपुर। बिलासपुर जिले के भराड़ी थाना क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) का प्रमाण पत्र गलत जानकारी देकर प्राप्त करने और उसके आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) बिलासपुर की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार भराड़ी क्षेत्र के एक गांव के निवासी ने अपनी वास्तविक आय से कम आय दर्शाते हुए ऑनलाइन माध्यम से EWS प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि आवेदन के साथ प्रस्तुत किए गए आय संबंधी दस्तावेज वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खाते थे। इसी आधार पर प्रमाण पत्र जारी हुआ और बाद में संबंधित व्यक्ति ने TGT पद पर सरकारी नौकरी प्राप्त कर ली।
मामले की जांच सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बिलासपुर द्वारा की गई। जांच के दौरान आय संबंधी रिकॉर्ड, दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की पड़ताल की गई। जांच में यह सामने आया कि वास्तविक आय को कम दर्शाकर EWS श्रेणी के लिए निर्धारित आरक्षण और सुविधाओं का लाभ लिया गया।
विजिलेंस ब्यूरो ने अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को भेजी, जिसके बाद मामला कानूनी कार्रवाई के लिए भराड़ी थाना पहुंचा। थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर EWS प्रमाण पत्र प्राप्त करता है तो यह नियमों का उल्लंघन है और इससे उन वास्तविक पात्र अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित होते हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के तहत मिलने वाले लाभों के हकदार हैं।
आरोपी ने रखा अपना पक्ष
मामले में नामजद व्यक्ति का कहना है कि उसने सरकारी नौकरी ज्वाइन करने के मात्र 15 दिन बाद ही इस्तीफा दे दिया था। उसके अनुसार EWS प्रमाण पत्र बनवाने के समय वह अपने पिता से अलग रह रहा था और परिवार रजिस्टर, राशन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज भी अलग बने हुए थे।
उसने दावा किया कि दो वर्ष पहले TGT पद पर चयन होने के बाद सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में EWS प्रमाण पत्रों की जांच करवाई गई थी। जांच के दौरान उसके पिता की आय को भी उसकी आय में जोड़ दिया गया। इसके बाद उसे महसूस हुआ कि कुल आय निर्धारित सीमा से अधिक हो रही है, जिसके चलते उसने स्वयं ही नौकरी से इस्तीफा दे दिया था।
फिलहाल भराड़ी थाना पुलिस विजिलेंस रिपोर्ट और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच कर रही है। डीएसपी घुमारवीं विशाल वर्मा ने पुष्टि करते हुए कहा कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
