Sirmaur News: कल बजेगा सायरन, दौड़ेंगी रेस्क्यू टीमें! सिरमौर में 15 जून को होगी जिला स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल
नाहन (सिरमौर)। अगर सोमवार को जिले के किसी हिस्से में अचानक सायरन सुनाई दें, राहत-बचाव दल सक्रिय नजर आएं या आपदा जैसी स्थिति दिखाई दे तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह वास्तविक आपदा नहीं बल्कि जिला प्रशासन सिरमौर द्वारा आयोजित की जा रही जिला स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल का हिस्सा होगा।
15 जून 2026 (सोमवार) को पूरे सिरमौर जिले में भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, वन अग्निकांड और भवन ध्वस्त होने जैसी आपदा स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए व्यापक मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिरमौर के अनुसार इस अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं की आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय और राहत-बचाव क्षमता का परीक्षण करना है।
मेगा मॉक ड्रिल के तहत जिले के विभिन्न उपमंडलों में कुल आठ स्थानों का चयन किया गया है, जहां अलग-अलग आपदा परिदृश्यों के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाएगा।
इन स्थानों पर होगा अभ्यास
👉 नाहन के कालाअंब स्थित रूचिरा पेपर्स में आगजनी एवं भूकंप से क्षति का परिदृश्य।
👉 सराहां (पच्छाद) की एसवीएन कॉलोनी में भवन ध्वस्त होने की स्थिति।
👉 राजगढ़ के शिरगुल चौक बाजार में भवन गिरने का अभ्यास।
पांवटा साहिब के सिरमौरी ताल क्षेत्र में भूस्खलन की स्थिति।
👉 टिंबी (शिलाई) के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बाढ़ एवं भवन क्षति का परिदृश्य।
👉 सतौन (कफोटा) के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भवन ध्वस्त होने और आगजनी की घटना।
👉 रेणुकाजी (संगड़ाह) के पुराने तहसील भवन में भवन गिरने की स्थिति।
👉 नाहन के बनेठी विश्राम गृह के समीप रात्रिकालीन वन अग्निकांड पर आधारित अभ्यास।
जिला प्रशासन के अनुसार इस मेगा मॉक ड्रिल में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, गृह रक्षक, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, विद्युत बोर्ड, राजस्व विभाग सहित अन्य संबंधित संस्थाएं भाग लेंगी।
अभ्यास के दौरान खोज एवं बचाव अभियान, घायलों को प्राथमिक उपचार, सुरक्षित निकासी, राहत शिविर प्रबंधन, संचार व्यवस्था तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मॉक ड्रिल के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और सहयोग बनाए रखें।
