सिरमौर के गिरिपार ने फिर बढ़ाया गौरव, एक साथ दो युवाओं ने पहनी सेना की वर्दी
आईएमए देहरादून से पास आउट होकर लेफ्टिनेंट बने विवेक चौहान और तेजेंद्र ठाकुर, क्षेत्र में खुशी की लहर
शिलाई/पांवटा साहिब। सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र ने एक बार फिर देश सेवा की अपनी गौरवशाली परंपरा को साबित किया है। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून में आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद गिरिपार के दो युवा सेना में अधिकारी बनकर निकले हैं। लेफ्टिनेंट विवेक चौहान और लेफ्टिनेंट तेजेंद्र ठाकुर ने भारतीय सेना में शामिल होकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
आईएमए देहरादून में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में दोनों युवा अधिकारियों ने देश की रक्षा और सेवा की शपथ ली। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गिरिपार क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल है।
उपमंडल शिलाई के कुजनाल गांव निवासी विवेक चौहान ने चार वर्षों का कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर सेना में अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया है। वह कर्नल जेएस चौहान और मोनिका चौहान के पुत्र हैं। विवेक ने तीन वर्ष का प्रशिक्षण नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) में तथा एक वर्ष का प्री-कमीशन प्रशिक्षण आईएमए देहरादून में प्राप्त किया। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन मिला।
विवेक चौहान की सफलता को परिवार के लिए भी विशेष उपलब्धि माना जा रहा है। वर्ष 2002 में उनके पिता कर्नल जेएस चौहान भी आईएमए की ऐतिहासिक ड्रिल स्क्वायर से अधिकारी बनकर सेना में शामिल हुए थे। अब 24 वर्ष बाद उनके बेटे ने उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सेना की वर्दी पहनकर परिवार की सैन्य विरासत को नई ऊंचाई दी है। इस अवसर पर दादी श्चाननो चौहान और भाई रजत चौहान सहित परिजनों ने खुशी जाहिर की।
वहीं ग्राम भेड़ीवाली सालवाला निवासी तेजेंद्र ठाकुर ने भी सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना साकार किया है। घर लौटने पर उनका भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब और शिलाई की ओर से भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने शहीद स्मारक पहुंचकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और देश सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
तेजेंद्र ठाकुर के पैतृक गांव भेड़ीवाली में भी ग्रामीणों ने उनके माता-पिता और परिवार के साथ इस उपलब्धि का जश्न मनाया। स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, पूर्व सैनिक और क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
गिरिपार क्षेत्र के इन दोनों युवाओं की सफलता ने यह संदेश दिया है कि अनुशासन, मेहनत और देश के प्रति समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। दोनों युवा आज क्षेत्र के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरे हैं और उनकी उपलब्धि से पूरे सिरमौर को गर्व महसूस हो रहा है।
