हिमाचल में सुविधाओं की कमी के बावजूद चंबा के दो युवा डॉक्टरों ने रचा इतिहास, मेडिकल ऑफिसर कमीशन में हासिल किए प्रदेश के टॉप-2 रैंक
चंबा। सीमित संसाधन, डॉक्टरों की भारी कमी और लगातार बढ़ते कार्यभार के बीच चंबा मेडिकल कॉलेज के दो युवा डॉक्टरों ने ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, चंबा से एमबीबीएस करने वाली दो डॉक्टरों ने मेडिकल ऑफिसर कमीशन परीक्षा में प्रदेशभर में पहला और दूसरा स्थान हासिल कर संस्थान का नाम रोशन किया है।
हाल ही में घोषित मेडिकल ऑफिसर कमीशन के परिणामों में डॉ. श्रेया वालिया ने प्रदेश में प्रथम रैंक प्राप्त की, जबकि डॉ. श्रेया चंदेल दूसरे स्थान पर रहीं। दोनों डॉक्टरों ने वर्ष 2025 में चंबा मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी।
गौरतलब है कि चंबा मेडिकल कॉलेज प्रदेश के उन संस्थानों में शामिल है जहां डॉक्टरों के लगभग 50 प्रतिशत पद खाली हैं। ऐसे में कार्यरत चिकित्सकों को मरीजों की ओपीडी सेवाओं के साथ-साथ एमबीबीएस प्रशिक्षुओं के शैक्षणिक प्रशिक्षण की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है। चुनौतियों से भरे इस माहौल में दो छात्रों का प्रदेश स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करना उनकी मेहनत, लगन और समर्पण को दर्शाता है।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपलब्धि से चंबा मेडिकल कॉलेज की प्रतिष्ठा और मजबूत होगी। जिस प्रकार इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा रहती है, उसी तरह आने वाले वर्षों में चंबा मेडिकल कॉलेज भी छात्रों की पहली पसंद बन सकता है।
मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने दोनों डॉक्टरों की इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि दोनों डॉक्टरों के साथ-साथ फैकल्टी सदस्य भी इस सफलता के लिए बधाई के पात्र हैं, जिनके मार्गदर्शन में यह उपलब्धि संभव हो सकी।
