हिमाचल में फिल्मी स्टाइल में ठगी: बिना नंबर की गाड़ी में आए शातिर, 5 हजार का डीजल भरवाकर हुए फरार
बिलासपुर। बिलासपुर में शातिर ठगों ने ऐसा खेल खेला कि कर्मचारियों को भुगतान होने का भरोसा दिलाकर करीब पांच हजार रुपये का डीजल लेकर फरार हो गए। सबसे हैरानी की बात यह रही कि वाहन पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी और भुगतान का पूरा नाटक मोबाइल के जरिए रचा गया।
जानकारी के अनुसार, बिलासपुर जिले के घुमारवीं बाजार स्थित एक पेट्रोल पंप पर शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे एक फोर्ड गाड़ी पहुंची। वाहन में पांच लोग सवार थे। चालक ने टैंक फुल करने को कहा, जिसके बाद कर्मचारियों ने वाहन में डीजल भरना शुरू कर दिया।
डीजल भरते समय कर्मचारियों को वाहन में सवार लोगों की गतिविधियां कुछ संदिग्ध लगीं। जब उन्होंने ध्यान से देखा तो पाया कि गाड़ी के आगे और पीछे दोनों ओर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। इसके अलावा वाहन के शीशों पर भी काली फिल्म लगी हुई थी। कर्मचारियों ने अन्य स्टाफ को सतर्क करने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान एक अन्य ग्राहक के आने से उनका ध्यान बंट गया।
डीजल भरने के बाद चालक ने भुगतान करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन किया। उसने मोबाइल स्क्रीन पर स्कैनिंग की प्रक्रिया दिखाई और वाहन के स्पीकर से भुगतान सफल होने जैसी आवाज भी सुनाई दी। कर्मचारियों को लगा कि राशि उनके खाते में पहुंच गई है, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद चालक ने गाड़ी तेज रफ्तार से दौड़ा दी और मौके से फरार हो गया।
जब कर्मचारियों ने खाते में भुगतान की पुष्टि करनी चाही तो पता चला कि कोई रकम प्राप्त नहीं हुई है। इसके बाद पेट्रोल पंप कर्मचारी राजेश कुमार ने तुरंत बाइक पर सवार होकर वाहन का पीछा किया। साथ ही दकड़ी चौक पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू कर दी, लेकिन देर शाम तक न तो वाहन का कोई सुराग मिला और न ही उसमें सवार लोगों का पता चल पाया।
दिनदहाड़े हुई इस ठगी की घटना के बाद पेट्रोल पंप संचालकों और व्यापारियों में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डिजिटल भुगतान के नाम पर ठगी के ऐसे मामले बढ़ते जा रहे हैं, इसलिए भुगतान की राशि खाते में आने की पुष्टि किए बिना वाहन को जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
