Solan News: सरकारी आयुष अस्पताल में एक्सरे के लिए मरीजों की जेब पर बोझ, मुफ्त सुविधा के बजाय देने पड़ रहे 400 रुपये तक
क्या सरकारी अस्पताल में भी एक्सरे करवाने के लिए निजी क्लीनिक जितना खर्च करना पड़ेगा?
सोलन के जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में मरीजों को ऐसी ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जहां एक्सरे सुविधा तो उपलब्ध है, लेकिन इसके लिए शुल्क देना अनिवार्य है।
रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, मगर निशुल्क जांच की उम्मीद लेकर आने वाले लोगों को निराशा हाथ लग रही है।
सोलन। सोलन स्थित पंडित दीन दयाल उपाध्याय जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में मरीजों को मुफ्त एक्सरे सुविधा नहीं मिल रही है। अस्पताल में एक्सरे मशीन होने के बावजूद मरीजों से प्रति एक्सरे 300 से 400 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट और तकनीकी स्टाफ की कमी के चलते एक्सरे सेवा को आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इसी वजह से मरीजों को निशुल्क सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
अस्पताल में प्रतिदिन करीब 150 से 200 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इनमें से लगभग 25 से 30 मरीजों को एक्सरे जांच की आवश्यकता होती है। ऐसे में बड़ी संख्या में मरीजों को अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों का उद्देश्य आम जनता को सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन यहां एक्सरे जैसी बुनियादी जांच के लिए भी शुल्क लिया जाना चिंता का विषय है।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. निशा वर्मा पंवर ने बताया कि आयुर्वेदिक अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का कोई स्वीकृत पद नहीं है। इसी कारण एक्सरे मशीन संचालन का कार्य आउटसोर्स एजेंसी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग भविष्य में आवश्यक पद सृजित करने और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है।
फिलहाल मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद बनी हुई है, लेकिन जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं होती, तब तक उन्हें एक्सरे जांच के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है।
