हिमाचल के निजी स्कूलों को बड़ी राहत! अब खुद जांचेंगे 5वीं और 8वीं की उत्तर पुस्तिकाएं
धर्मशाला (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों को 5वीं और 8वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए सरकारी क्लस्टर स्कूलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत निजी स्कूल अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच स्वयं कर सकेंगे।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार वर्ष 2019 में लागू किए गए मूल्यांकन संबंधी दिशा-निर्देशों की समीक्षा के बाद यह बदलाव किया गया है। विभाग ने निजी स्कूलों को अधिक प्रशासनिक स्वायत्तता प्रदान करते हुए उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का अधिकार सीधे विद्यालय प्रबंधन को सौंप दिया है।
नई व्यवस्था के तहत निजी विद्यालयों में आयोजित 5वीं और 8वीं कक्षा की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन संबंधित स्कूल अपने स्तर पर करेंगे। यह पूरी प्रक्रिया शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, हिमाचल प्रदेश आरटीई नियम-2025 तथा सरकार द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुरूप संचालित की जाएगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2019 में निजी स्कूलों की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की जिम्मेदारी सरकारी क्लस्टर स्कूलों को दी गई थी। अब शिक्षा विभाग ने उस व्यवस्था में संशोधन करते हुए 2 सितंबर 2019 को जारी दिशा-निर्देशों के पैरा 9, 10 और 11 के प्रावधान निजी विद्यालयों के लिए समाप्त कर दिए हैं।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस फैसले से निजी स्कूलों को परीक्षा परिणाम तैयार करने में सुविधा मिलेगी, समय की बचत होगी और मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक सरल एवं प्रभावी बन सकेगी। हालांकि सरकारी स्कूलों के लिए पहले से लागू अधिकांश मूल्यांकन दिशानिर्देश यथावत रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 5वीं और 8वीं कक्षा में विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम उत्तीर्ण अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। परीक्षा में असफल रहने वाले छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का अवसर दिया जाता है और दूसरी बार भी सफलता न मिलने पर उन्हें अनुत्तीर्ण घोषित किया जा सकता है।
