हिमाचल में चिट्टा तस्करी का बड़ा खुलासा: दूध और कुरकुरे के पैकेट बने नशे की डिलीवरी का जरिया, फरीदाबाद से दबोचा गया मुख्य सप्लायर
शिमला। क्या आपने कभी सोचा है कि दूध या कुरकुरे के खाली पैकेट में छिपाकर करोड़ों रुपये का नशा सप्लाई किया जा सकता है? शिमला में सामने आए एक चौंकाने वाले खुलासे ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। लोकेशन भेजकर सुनसान जगहों पर छिपाया गया चिट्टा खरीदारों तक पहुंचाया जाता था और इस पूरे नेटवर्क में करोड़ों रुपये का कारोबार हो रहा था।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सक्रिय एक बड़े अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करी नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि नशा तस्कर चिट्टा (हेरोइन) को दूध, कुरकुरे और अन्य खाद्य पदार्थों के खाली पैकेटों में छिपाकर विभिन्न स्थानों पर रखते थे। इसके बाद पैकेट की लोकेशन और वीडियो ग्राहकों को भेजकर नशे की डिलीवरी की जाती थी।
पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क पिछले एक वर्ष से अधिक समय से शिमला शहर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय था। विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस गिरोह के मुख्य सप्लायर रवि अहिरवार (21) को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी मूल रूप से मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का निवासी है और वर्तमान में बल्लभगढ़ (फरीदाबाद) में रह रहा था।
मामले की शुरुआत थाना बालूगंज में दर्ज एक चिट्टा बरामदगी केस से हुई। पुलिस ने पहले अविनाश चौहान के कब्जे से सात ग्राम चिट्टा बरामद किया था। जांच आगे बढ़ने पर बिहार के भोजपुर निवासी विशाल यादव और उसके भाई जय प्रकाश यादव को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों के लेन-देन और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस मुख्य सप्लायर तक पहुंचने में सफल रही।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि पिछले तीन महीनों के दौरान इस नेटवर्क के माध्यम से करीब 1.25 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि रवि अहिरवार वर्ष 2025 से मोहाली क्षेत्र में रहकर हिमाचल में चिट्टा सप्लाई करने का काम कर रहा था। उसे नशे की बिक्री पर 10 से 30 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी बीते एक साल में लगभग 50 बार शिमला आकर नशे की खेप पहुंचा चुका है। मुख्य आरोपी विशाल यादव के मोबाइल फोन की जांच के दौरान कई ऐसे वीडियो मिले हैं, जिनमें चिट्टा झाड़ियों, खाली स्थानों और सुनसान इलाकों में छिपाकर रखा गया दिखाई देता है। इसके बाद संबंधित लोकेशन ग्राहकों को भेजी जाती थी, जिससे बिना सीधे संपर्क के नशे की डिलीवरी पूरी हो जाती थी।
फिलहाल पुलिस ने रवि अहिरवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि यह मामला हिमाचल में तेजी से बदल रहे नशा तस्करी के तरीकों की ओर संकेत करता है, जहां डिजिटल तकनीक और लोकेशन बेस्ड डिलीवरी का इस्तेमाल कर कानून से बचने की कोशिश की जा रही थी।
