‘सशक्त नारी, समृद्ध सिरमौर’ अभियान के तहत महिलाओं को किया जागरूक, मासिक धर्म स्वच्छता से लेकर सुरक्षा योजनाओं की दी जानकारी
क्या आप जानते हैं कि घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न या किसी भी संकट की स्थिति में महिलाएं 24 घंटे सहायता प्राप्त कर सकती हैं? क्या माहवारी को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार विशेष अभियान चला रही है?
इन्हीं विषयों को लेकर मंगलवार को सिरमौर जिले के पच्छाद क्षेत्र में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं, किशोरियों और विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और उनके अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
नाहन (सिरमौर)। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला महिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन द्वारा विकास खंड पच्छाद के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गलानाघाट में मंगलवार को ‘सशक्त नारी, समृद्ध सिरमौर’ विषय पर एक दिवसीय महिला जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य केशव दत्त ने की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बेटा-बेटी में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। गर्भ में लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेटियां लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं, इसलिए उन्हें उच्च शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनाना समय की आवश्यकता है।bकार्यक्रम में क्षेत्र की महिलाओं, किशोरियों तथा छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, मासिक धर्म स्वच्छता, दहेज निषेध, वन स्टॉप सेंटर, आंगनबाड़ी सह क्रेच तथा कामकाजी महिला हॉस्टल जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
जिला समन्वयक कृतिका ठाकुर और लिंग विशेषज्ञ सोनम परमार ने मिशन शक्ति योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि माहवारी कोई बीमारी नहीं बल्कि प्रकृति की एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने किशोरियों और महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छ सैनिटरी नैपकिन के उपयोग के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, छेड़छाड़ या किसी भी प्रकार की समस्या का सामना कर रही महिलाएं 24×7 टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर संपर्क कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकती हैं। वहीं किसी भी आपातकालीन स्थिति में 112 नंबर डायल किया जा सकता है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि हिंसा की शिकार महिलाओं को जिला अस्पताल नाहन स्थित वन स्टॉप सेंटर में एक ही छत के नीचे पुलिस सहायता, चिकित्सा सुविधा, कानूनी सहायता, काउंसलिंग और पांच दिन तक अस्थायी आश्रय की सुविधा 24 घंटे निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाती है।
इसके अलावा कामकाजी माताओं के लिए आंगनबाड़ी सह क्रेच केंद्रों में 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों की देखभाल, पोषणयुक्त भोजन और प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने महिलाओं से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ जागरूक रहने का आह्वान किया।
