Himachal News: हिमाचल में सेंचुरी घूमना हुआ महंगा, अब भारतीयों को देने होंगे 300 रुपये; सरकार ने बढ़ाई प्रवेश फीस
क्या आप हिमाचल की वन्यजीव अभयारण्यों (सेंचुरी) की सैर का प्लान बना रहे हैं? तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। अब राज्य की विभिन्न सेंचुरी और वन्यजीव क्षेत्रों में प्रवेश के लिए पहले से अधिक शुल्क देना होगा। हिमाचल प्रदेश सरकार ने वन्यजीव संरक्षण नियमों में संशोधन कर नई शुल्क दरें लागू कर दी हैं, जो बुधवार से प्रभावी हो गई हैं।
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने वन्यजीव संरक्षण हिमाचल प्रदेश नियम, 1975 में संशोधन करते हुए अभयारण्यों और संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों में प्रवेश, फोटोग्राफी, शोध कार्य तथा अन्य गतिविधियों के लिए नए शुल्क निर्धारित किए हैं। इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) केके पंत द्वारा अधिसूचना जारी की गई है।
भारतीयों के लिए 300 रुपये प्रतिदिन प्रवेश शुल्क
नई अधिसूचना के अनुसार भारतीय नागरिकों को किसी भी सेंचुरी क्षेत्र में प्रवेश और सामान्य फोटोग्राफी के लिए पहले तीन दिनों तक 300 रुपये प्रतिदिन शुल्क देना होगा। यदि कोई पर्यटक तीन दिन से अधिक समय तक ठहरता है तो अतिरिक्त दिनों के लिए 500 रुपये प्रतिदिन शुल्क लिया जाएगा।
वहीं विदेशी नागरिकों के लिए पहले तीन दिन 600 रुपये प्रतिदिन और उसके बाद 1000 रुपये प्रतिदिन शुल्क निर्धारित किया गया है। पर्यटन गतिविधियों और अभयारण्य क्षेत्र में वैध व्यवसायिक कार्यों के लिए भी यही शुल्क लागू रहेगा।
बच्चों और छात्रों को राहत
सरकार ने पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को शुल्क से पूरी तरह छूट दी है। इसके अलावा स्कूली छात्रों को निर्धारित शुल्क का केवल 50 प्रतिशत भुगतान करना होगा।
वाहनों के लिए भी अलग शुल्क
अभयारण्य क्षेत्र में प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए भी अलग शुल्क तय किया गया है। हल्के वाहनों पर 1000 रुपये प्रतिदिन तथा भारी वाहनों पर 2000 रुपये प्रतिदिन अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
प्रोफेशनल कैमरों और ड्रोन पर बढ़ा शुल्क
मोबाइल फोन कैमरे का उपयोग प्रवेश शुल्क में ही शामिल रहेगा, लेकिन पेशेवर कैमरों के लिए अलग से शुल्क लिया जाएगा।
भारतीय नागरिकों के लिए प्रोफेशनल स्टिल कैमरा शुल्क पहले तीन दिन 625 रुपये और अतिरिक्त दिन 125 रुपये रहेगा।
विदेशी नागरिकों के लिए यही शुल्क क्रमशः 1250 रुपये और 250 रुपये होगा।
सिने कैमरों के उपयोग पर भारतीय नागरिकों को पहले तीन दिन 12,500 रुपये और अतिरिक्त दिनों के लिए 18,500 रुपये शुल्क देना होगा।
ड्रोन कैमरे के उपयोग के लिए मुख्य वन्यजीव वार्डन की विशेष अनुमति अनिवार्य होगी। निजी एजेंसियों और मीडिया संस्थानों के लिए ड्रोन संचालन शुल्क पहले तीन दिन 50,000 रुपये तथा अतिरिक्त दिन 75,000 रुपये निर्धारित किया गया है।
शोध और अध्ययन कार्यों के लिए भी तय हुई फीस
वन्यजीवों के अध्ययन और वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़े कार्यों के लिए भारतीय नागरिकों से 100 रुपये प्रतिदिन तथा विदेशी नागरिकों से 500 रुपये प्रतिदिन शुल्क लिया जाएगा।
इसके अलावा वार्षिक लाइसेंस शुल्क विभिन्न श्रेणियों के अनुसार निर्धारित किया गया है, जो भारतीय छात्रों के लिए 500 रुपये से शुरू होकर फार्मास्युटिकल उद्योगों के लिए 75,000 रुपये तक होगा।
उपकरण किराये पर लेने के लिए भी देनी होगी फीस
हिमाचल प्रदेश वन विभाग से उपकरण किराये पर लेने पर 200 रुपये से 1250 रुपये प्रतिदिन तक शुल्क देना होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में आवश्यकता के अनुसार इन दरों में संशोधन किया जा सकेगा।
निष्कर्ष
नई शुल्क व्यवस्था लागू होने के बाद हिमाचल की वन्यजीव अभयारण्यों की यात्रा करने वाले पर्यटकों, शोधकर्ताओं और फोटोग्राफरों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ सकता है। हालांकि सरकार का मानना है कि इससे वन्यजीव संरक्षण और अभयारण्यों के बेहतर प्रबंधन के लिए संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी।
