कालाअंब पंचायत में किराया राशि गबन मामला: पूर्व पंचायत सचिव दोषी करार, दो साल की सजा
नाहन (सिरमौर)। ग्राम पंचायत कालाअंब में पंचायत संपत्तियों से प्राप्त किराया राशि के कथित गबन और अभिलेखों में हेराफेरी के मामले में अदालत ने तत्कालीन पंचायत सचिव को दोषी ठहराते हुए कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) उपासना शर्मा की अदालत ने आरोपी पंचायत सचिव हरबंस को विभिन्न धाराओं के तहत दोषसिद्ध मानते हुए अधिकतम दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कुल सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार यह मामला वर्ष 2017 में न्यायालय के आदेश पर कालाअंब थाना में दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2013 से वर्ष 2016 तक ग्राम पंचायत कालाअंब में पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत था। पंचायत की आय बढ़ाने के उद्देश्य से दुकानों और कमरों को किराये पर दिया गया था, जिनका किराया पंचायत सचिव के माध्यम से वसूला जाता था।
जांच के दौरान यह पाया गया कि कई मामलों में किरायेदारों को जारी की गई रसीदों में दर्ज राशि और पंचायत के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज रकम में अंतर था। कुछ रसीदों में पूरी राशि प्राप्त दर्शाई गई, जबकि नकदी पुस्तिका और अन्य अभिलेखों में कम राशि दर्ज की गई। अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों और साक्ष्यों के अनुसार कई रसीदों में हजारों रुपये का अंतर पाया गया, जिससे पंचायत को आर्थिक नुकसान पहुंचा।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 19 गवाहों के बयान दर्ज कराए। रिकॉर्ड, नकदी पुस्तिका और रसीदों की जांच के आधार पर अदालत ने माना कि आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी धन के रखरखाव में अनियमितताएं बरतीं और अभिलेखों में हेरफेर की।
अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि पंचायत सचिव होने के नाते सार्वजनिक धन की सुरक्षा और लेखा-जोखा बनाए रखने की जिम्मेदारी आरोपी की थी, लेकिन उपलब्ध साक्ष्य उसके विरुद्ध पाए गए।
लिहाजा, अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 409 के तहत दो वर्ष के कारावास और दो हजार रुपये जुर्माना, धारा 467 के तहत दो वर्ष के कारावास व दो हजार रुपये जुर्माना, धारा 468 के तहत एक वर्ष के कारावास और एक हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 471 के तहत छह माह के कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि सभी सजाएं एक साथ प्रभावी रहेंगी।
