अब रक्त की तलाश में नहीं भटकेंगे मरीजों के परिजन!
क्यूआर कोड स्कैन करते ही सामने आएगा रक्तदाता, हिमाचल में पहली बार शुरू हुई अनोखी डिजिटल पहल।
मंडी। हिमाचल प्रदेश में रक्तदान सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए एक नई पहल की गई है। जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को प्रदेश का पहला ‘ब्लड हब कनेक्ट’ ऑटो पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया। इस तकनीक आधारित एप्लीकेशन को आईआईटी मंडी ने विकसित किया है, जिसका शुभारंभ उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने नेरचौक में आयोजित हिम समाज सेवा समिति के वार्षिक समारोह के दौरान किया।
इस एप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि क्यूआर कोड स्कैन करते ही संबंधित रक्तदाता की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाएगी। साथ ही रक्तदाता से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया भी स्वतः शुरू हो जाएगी, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की व्यवस्था करने में लगने वाला समय काफी कम हो सकेगा।
हिम समाज सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि एप के माध्यम से रक्तदाताओं का एक डिजिटल डाटाबेस तैयार किया गया है। रक्त की आवश्यकता पड़ने पर इस डाटाबेस की मदद से उपयुक्त रक्तदाता तक तेजी से पहुंच बनाई जा सकेगी। आने वाले समय में इस क्यूआर कोड आधारित प्रणाली को जिला के विभिन्न अस्पतालों तथा मेडिकल कॉलेज नेरचौक में भी स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि तकनीक और समाजसेवा के इस समन्वय से रक्तदान अभियान को नई दिशा मिलेगी। इससे मरीजों और उनके परिजनों को रक्तदाताओं की खोज में होने वाली परेशानियों से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित रक्तदान शिविर में 64 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। समिति की ओर से सभी रक्तदाताओं को सम्मानित किया गया। वहीं, समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मोती राम को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
