अदालतों तक पहुंच विवाद पर सरकार सख्त, नौ सदस्यीय समिति गठित; सात दिन में देगी रिपोर्ट
हाईकोर्ट और जिला अदालत तक पहुंच को लेकर चल रहे विवाद पर हिमाचल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने नौ सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित कर सात दिनों के भीतर समाधान सुझाने वाली रिपोर्ट मांगी है।
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिमला स्थित उच्च न्यायालय और जिला अदालत परिसर तक पहुंच से जुड़े सील एवं प्रतिबंधित मार्गों के मुद्दे के समाधान के लिए नौ सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार समिति तत्काल प्रभाव से अपना कार्य शुरू करेगी और सात दिनों के भीतर सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।
सरकार द्वारा गठित इस समिति की अध्यक्षता राज्य के महाधिवक्ता अनुप रत्न करेंगे। समिति में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हमेंदर सिंह चंदेल, पूर्व महाधिवक्ता श्रवण डोगरा, अशोक शर्मा तथा बार काउंसिल के निर्वाचित सदस्य संजीव भूषण को भी शामिल किया गया है।
अधिसूचना के अनुसार समिति अदालत परिसरों तक अधिवक्ताओं की सुगम पहुंच के संदर्भ में सील और प्रतिबंधित मार्गों से जुड़ी सभी परिस्थितियों का गहन अध्ययन करेगी। इसके साथ ही संबंधित विभागों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस तथा अन्य हितधारकों से विचार-विमर्श कर व्यावहारिक और दीर्घकालिक समाधान के लिए अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगी।
समिति के संयोजक के रूप में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव आशीष सिंहमार को नियुक्त किया गया है। वहीं पुलिस मुख्यालय के डीआईजी (लॉ एंड ऑर्डर), उपायुक्त शिमला और पुलिस अधीक्षक शिमला भी समिति के सदस्य होंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि समिति को आवश्यक सचिवीय और समन्वय संबंधी सहयोग गृह विभाग की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। माना जा रहा है कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर अदालत परिसरों तक पहुंच को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद का स्थायी और संतुलित समाधान निकल सकता है।
