Table of Contents
हिमाचल कैबिनेट के बड़े फैसले! अब हिमकेयर में मिलेगा 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर
भांग की खेती को लेकर होगा नियमों में बदलाव!
मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती से लेकर ट्रैक्टर चालकों को राहत और स्टार्टअप योजना के विस्तार तक कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई है!
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेशहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, परिवहन और पशुपालन सहित विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल ने पूर्ववर्ती हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर द्वारा जारी 80 पोस्ट कोड के विज्ञापनों को वापस लेने का निर्णय लिया। इसके साथ ही संबंधित अभ्यर्थियों को लगभग 4.27 करोड़ रुपये परीक्षा शुल्क वापस करने की मंजूरी भी दी गई।
स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के चौथे चरण को मंजूरी दी गई। योजना के तहत पात्र युवाओं को ई-बस खरीदने पर 50 प्रतिशत तथा डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
कैबिनेट ने चिकित्सा एवं वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती को विनियमित करने हेतु हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियम, 1989 में संशोधन को स्वीकृति दी। संशोधन के बाद भांग की खेती, प्रसंस्करण, निर्माण, भंडारण और परिवहन को निर्धारित नियमों के तहत संचालित किया जा सकेगा।
शिमला जिले के जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू क्षेत्र में अग्निकांड से प्रभावित 15 परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज को भी मंजूरी दी गई है। जिन परिवारों के मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रति परिवार 7 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके लिए कुल 84.70 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों में मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और केंद्रीकृत बनाने के लिए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा घरेलू उपयोग के लिए खनिज परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों की कंपाउंडिंग फीस को 4,500 रुपये से घटाकर मात्र 500 रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से प्रदेशभर के ट्रैक्टर संचालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
पशुपालकों की सुविधा के लिए ग्रेजिंग पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी प्रदान की गई। इसके तहत वन विभाग और पशुपालन विभाग संयुक्त रूप से एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित करेंगे, जिससे चराई संबंधी परमिट ऑनलाइन और रियल टाइम उपलब्ध हो सकेंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिमंडल ने हिमकेयर योजना को बीमा मॉडल के तहत संचालित करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के अनुसार पात्र लाभार्थियों को अब 5 लाख रुपये के बजाय 7 लाख रुपये और विशेष श्रेणी के पात्र परिवारों को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए राज्य नवाचार नीति को भी मंजूरी दी गई। इस नीति का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाना है। इसके क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026 से 2028 तक 2 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है।
इन फैसलों को प्रदेश में रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वरोजगार, कृषि आधारित उद्योगों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
